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Friday, August 30, 2013

जनमाष्टमी पर अश्लीलता

Posted by rachit kathil

वाह क्या ताल है, क्या ठुमके हैं , और ये ठुमके जिस मंच पर लग रहे हैं वो कोई रैली या मेला नहीं है, बल्कि कान्हा के जन्मदिन की खुशी पर लग रहे हैं....ये ठुमके किसी धार्मिक गानों पर नहीं बल्कि अश्लील गानों पर कान्हा के प्रगट होने की खुशी में मनाई जा रही है....इस खुशी में बच्चे हों या जवान या बूढ़े सभी शामिल हैं, हां भाई माखन चोर जो प्रगट हुए हैं...एक तरफ जहां पूरा देश भगवान कृष्ण के जन्मदिन की धूम में डूबा हुआ है, सभी जगह मंदिरों में शंख और बधाई गीतों से लोग कान्हा का जन्मदिन मना रहे हैं, वहीं देवरिया नगरपालिका में कान्हा के जन्मदिन पर अश्लील गानों और ठुमको की धूम मची है....एक ओर मंदिरों में प्रसाद और फूल की वर्षा हो रही थी तो वहीं दूसरी ओर देवरिया में इस मंच पर वर्षा तो हो रही थी, लेकिन फूलो की नहीं बल्कि नोटों की वो भी बार बालाओं पर...जिस खाकी को मंच पर हो रहे इस तरह के अश्लील कार्यक्रम को रोकने का काम करना चाहिए था वो भी खुद तमाशबीन बना हुआ था...फिर कार्रवाई की सहज ही कल्पना की जा सकती है.... http://youtu.be/4Pg6LB-wQyw 100% 100% Add to Cancel

Monday, June 3, 2013

पानी ला ओ दुल्हन ले जाओ

Posted by rachit kathil

कौन कहता है कि बुन्देलखंड में सब कुछ है ...जिसे न मालूम हो वो भी सुनले ... खास तौर पर वो जो बुन्देलखंड के नाम पर राजनीति करते हैं.... बुन्देलखंड में पानी की समस्या पर हर कोई राजनीति करता है । लेकिन किसी को ये मालूम ...है कि बुन्देलखंड के जिलो के कई गांवो एसे है जिन में पानी के चलते कोई अपनी बेटी नहीं देता है जी हां .... वहां के लड़के कुवारे हैं ... क्योकि वहां पानी नहीं है ...अब क्या राजनेता इस समस्या को देख रहे है या फिर सिर्फ राजनीति कर रहे है ... मैं चाहूंगा कि सीएम अखिलेश यादव इन गांव में जाकर वहां कि समस्या सुने और बुन्देलखंड की बुन्देली आवाज को अपनी कैबिनेट में गूंजने दे क्योकि ये समस्याए बुन्देलखंड के विधायक ही उठा सकते है .... अब आप ही बातइये सीएम सहाब आखिर कब तक सिर्फ पानी के चलते कुंवारे रहेगे ये लड़के .... कुछ तो करिये

Wednesday, May 1, 2013

नहीं रहा देश का सपूत ।

Posted by rachit kathil

कभी कोई जवानो के शव काट देता है तो कोई जेल में हमारे भारतियो को पीट कर चला जाता है लेकिन हमारी सरकार मूख बनकर यही कहती है कि बात हो रही है ... आज देश का एक और सूपत मारा गया ... और सरकार कुछ न कर सकी ... पाकिस्तान हर बार अपनी मनामनी करके चला जाता है .. पीएम और देश की सरकार उनका स्वागत करती है .. उनके लिए खाने का भोज करती .. सलमान खुर्शीद हाथ मिलाते है और साथ में खाना भी खाते है ...लेकिन हमारे जवानो को कटने की बता पर चुप हो जाते है ... कसाब के स्वागत में करोडो रूपेय खर्च करते हैं जब उसने मांगा चिकिन बिरियानी तो सरकार हिल गई .. और उसके लिए वो लेकर भी गई .... जब सरबजीत ने मांगा पानी तो उसे जूते और चाबुक मिली ... लेकिन सरकार ने कुछ नहीं कहा .... जनता पूछना चाहती है कि मनमोहन सिंह जी और पूरी केन्द्र सरकार आखिर अब क्या करेगी क्या पाकिस्तान पर कार्यवाही करेगी ... या फिर देश के जवानो को पाकिस्तान के सामने कटने के लिए छोड़ दिया जाएगा ....

हमतो चले पर्देश हम पर्देशी हो गए ... ये शब्द उस वक्त कहे जा रहे थे जब सीएम अखिलेश यादव और कैबिनेट मंत्री आजम खान के साथ कई मलाई दार मंत्री और अधिकारी अमेरिका दौरे पर निकले थे ... लेकिन अमेरिका की धरती पर पहुंते ही ... आजम खान साहब को बेइजित किया गया । उनको ही नहीं एक बार फिर भारत के किसी नेता को अमिराका द्वारा अपमानित किया गया । आजम खान इन दिनो सीएम के साथ अमेरिका की हावर्ड यूनिवर्सिटी से आये निमंत्रण पर अमेरिका गये थे । 24 तारीख की सुबह तड़के 3.45 मिनिट पर आजम खां सहाब सीएम के साथ अमेरिका के लिए रवाना हुए ... और जैसे ही वो बोस्टन एयरपोर्ट पहुंचे उन्हे हिरासत मे ले लिया गया । और उन से पूछताछ की गयी .. शायद आजम ये भूल गये थे कि वो जिस देश में जा रहे है वहां ये उनके साथ कोई पहला वाक्या नहीं । उनसे पहले भी देश के पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे अब्दुल कलाम साहब और बॉलिवुड के बादशाह किंग खान को ये देश जलील कर चुका है । लेकिन अब क्या मुलायम सिंह अपनी सहयोगी पार्टी से ये पूछेगे कि अब वो क्या कदम उठाते है । क्यो कि किंग खान और पूर्व राष्ट्रपति इस अपमान को झेल चुके है । और फिर भी केन्द्र सरकार ने इस पर कोई भी बात नहीं की । जनता जनार्दन की माने तो जो जैसा करे उसके साथ वैसा ही करे ।

जहां सूबे के नेता और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह अधिकारियो को सही तरीके से काम करने का पाठ पढाते है वहीं अखिलेश सरकार के कुछ मंत्री गलत बयान बाजी करते है .... जहां सीएम अखिलेश 5 दिन के विदेश दौरे पर है वहीं सीएम साहब के चहेते मंत्री अधिकारियो को कोडे, डंडे के साथ साथ वर्दी तक उतारने की धमकी देते है भाई क्यो न दे साहब कपड़़ा मंत्री जो ठहरे .... सपा सरकार में कपड़ा में मंत्री शिव कुमार बेरिया ने कार्यकर्ताओ की बात न सुनने को लेकर अधिकारियो की बर्दी तक उतारने की बात करते है ... सीएम साहब राजाराम पांडे ने तो हेमामलनी के गालो की तुलना कुंडा की सड़को से की तो उन्हे कैबिनेट से चलता कर दिया इन मंत्री जी ने तो मुलायम सिंह के आदेश की ही धज्जियां उडा दी तो इन का क्या करेगे वहीं राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त जावेद अली ने तो आपके नाम का सहार लेते हुए अधिकारियो को चाबुक तक मारने की बात कह दी ... सीएम साहब आपके मंत्रीयो जुबान बहुत फिसल रही है आखिकार लगता है कि ये मंत्री अब आपके हाथ से निकल गये है । अब क्या करेगे मुलायम सिंह जी और आप जरा जनता को भी बता दे

Thursday, January 10, 2013

यूपी सरकार को नहीं है परवाह....

Posted by rachit kathil

शहादत का न्यौता देदे मुझे तभी तो आऊंगा उस शहीद को श्रद्धांजलि देने...पैड़े तो हमने आज मथुरा में खूब खाए लेकिन तुमने शहादत का न्यौता नहीं दिया तभी तो हम नहीं आए ...... जी हां ये हैं यूपी के मंत्री दुर्गाप्रसाद यादव जी .. जिनको शहादत का निमंत्रण चाहिए .... क्योंकि उन्हे शहीद के अंतिम संस्कार का न्यौता नहीं मिला .... वहीं सीएम अखिलेश यादव अपने कुछ नेताओ और मंत्रियों के साथ मथुरा से कुछ दूर गाजियाबाद में आए लेकिन उस शहीद घर जाने की किसी भी सुध नहीं आई।जबकि एक मध्य प्रदेश के सीधी में शहीद सुधाकर के अंतिम संस्कार में स्वयं सीएम शिवराज सिंह पुहंचे और सुधाकर की शहादत को सलाम करेत हुए उसकी मिट्टी को अपने सिर से लगाया... लेकिन यूपी के मंत्रियों को इससे क्या कि जवान अपनी जान हत्थेली पर रखकर हमे रात की नींद चैन से सोने देते हैं ... लेकिन इन मंत्रियों को उनके अंतिम संस्कार में जाने के लिए निमंत्रण चाहिए .... वहीं मंत्री दुर्गाप्रसाद का कहना है कि उनको इसकी सूचना न थी , माननीय क्या सैफई महोत्सव की आपको सूचना थी कि प्रियंका चौपडा आरही है । तब तो सारी सरकार वहां मौजूद थी... तो फिर उस शहीद के यहां क्यों नहीं .... क्या यूपी सरकार के फिल्मी हस्तियां और कुश्ती प्रतियागिता.... शहीद कि चिता से ज्यादा जरूरी है ...तो अखिलेश जी आपकी सरकार से जनता को ये उम्मीद नहीं थी.. इस पर जरा ध्यान दीजिए ....वो शहीद बेटा मथुरा के शेरनगर का नहीं पूरे देश का बेटा है इस बेटे के परिवार को सिर्फ रूपेय से सहायता देने से कुछ नहीं होता । अगर उस बच्चे के सिर पर आप हाथ फेर देते और उस शहीद की मिट्टी को सिर से लगा लेते तो जो पुण्य आपको उस शहीद की राख को सिर में लगाने से मिलता वो आपको किसी मथुरा के मंदिर में जाकर नहीं मिलता ।

Sunday, December 23, 2012
Posted by rachit kathil

आज सुबह अपनी नाइट शिफ्ट पूरी करने के बाद एक बार मन ने कहा क्यों न चलो इंडिया गेट चलते हैं ... और उन लोगो के साथ हम भी उस लड़की के लिए न्याय के लिए गुहार लगाते है । हम और हमारे दोस्त इस कड़ी केलिए इंडिया गेट चल दिए लेकिन वहां जो हुआ वो देखने के बाद मेंरे आंखो में आंसू आ गये .... वहां दो चीज देखने मिली पहली राजनीति और दूसरी आक्रोश । लेकिन राजनिति के लिए लोग अलग बैठे दिखे । जनता अलग दिखी । लोगो ने तो आगे बढ़ने की कोशिश की ।लेकिन राजनीति करने वाले अलग ही बैठे रहे । काफी देर बात एक महिला ने सही ही कहा कि अगर राजनीति करना है तो घर मैं बैठक चूडियां पहन कर करो । जब वहां से आगे बढ़ा तो देखा कि दिल्ली की सीएम के बेटे और कांग्रेस के प्रवक्ता संदीप दीक्षित भी गाडी में बैठक वहां से निकले छुपते छुपाते । एक नजर क्या पड़ी की जनता में किसी ने आवाज लगाई कि देखो चोर जा रहा है । और संदीप को गाडी छोड़ वहां से भागना पडा लेकिन फिर भी राजनीति के दिग्गज वहां से नहीं उठे .... काफी देर बाद शाम करीब 3 बजे के करीब एक पतली सी गली में निकले और कहा कि चलो पीछे के गेट से चलते है । लड़के लड़कियां उनके साथ चल दिए लेकिन पुलिस ने उन्हे तो गिरफ्तार कर लिया । और जनता पर इस तरह आंसू गैस के गोले छोड़े कि लोगो को वहां से भागना पड़ा कई की तो हालत ही खराब हो गई है । लाठी पड़ती रही आंसू गैस के गोले छोड़े जाते रहे लेकिन निहत्थी जनता आखिर करती तो क्या उसने पत्थरों को बनाया अपना निशाना । सजा दिया पुलिस वालों के लिए पत्थरो से सजा फूलों का हार । लेकिन कहते है कि दिल्ली पुलिस ने जो किया वो गंदा था । क्या उनके घर में बहू बेटी नहीं है । जो लड़कियों पर हो रहे अत्याचार को बढ़ाने का काम कर रही है ।

Posted by rachit kathil

क्रिकेट के भगवान ने किया नमक का कर्ज अदा क्रिकेट के भगवान कहे जान वाले सचिन तेंदुलकर को जहां लोग भगवान की तरह पूजते हैं वहां में भी उन्हे भगवान मानता था । लेकिन कल जिस तरह उन्हेने सन्यास लिया उसे देखकर अब मैं उन्हे उस भगवान की पद्वी पर बैठाकर उस गद्दी को गंदा नहीं करना चाहता हूं। क्योंकि अब वो क्रिकेटर नहीं उस सरकार की कटपुतली है जिन्हे सरकार नचा सकती है यानी कि अब वो फरफैक्ट राजनेता बनगये है । सचिन जी आपने बहुत अच्छा किया जो कल सन्यास ले लिया । इस के लिए आपको शुभकामनाए । लेकिन आपने जाते जाते सब के दिलों में अपनी छवि इस कदर खराब कर ली । कि लोगो का मन एक बार यही कह रहा है कि जो किया वो गलत किया । आपने तो कांग्रेस के नमक का कर्ज अदा कर दिया है । आप को तो अब राजनेता सर कहना पड़ेगा । आपको ये बता दे एक तरफ जहां देश की बेटी के लिए पूरा देश लड़ाई लड रहा है वहीं बीच में उस के कवरेज को रोकने के लिए आपने कांग्रेस की चाल के लिए आपने सन्यास ले लिया । ओर मीडिया को अपनी ओर खीचना चाहा । लेकिन आप को ये भी बता दे । कि देश की बेटी आज जिंदगी और मौत के बीच में जंग लड रही है । मैं आप से पूछना चाहता हूं कि आखिर इतनी ज्लदी क्या थी । कि आपको देश बहिन का ख्याल ऩहीं आया । जबाब दीजिए ताकि ये जनता जान सके कि इसके पीछे किसका हाथ है और जनता भी बताए कि क्या सचिन ने जो किया वो सही है ।

सुन लीजिए रेल मंत्री साहब यूपी से जो ट्रेन गुजरेगी वो साफ होना चाहिए, नहीं तो एसा ही होगा । उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां एक बार फिर चर्चाओ में हैं। अमृतसर से हावड़ा जाने वाली हावड़ा मेल पहुंचे तो आजम खान ने कर्मचारियों को थप्पड मारा वही उन्हे मुर्गा भी बनाया और कहा कि यूपी से जो भी रेल गुजरेगी उसमें साफ सफाई होना चाहिए । मामला उस वक्त का जब आजम खान एसी कोच में पहुचे बिस्तर को गंदा देख गुस्सा होने लगे और फिर गुस्से में कर्मचारी को थप्पड जड दिया । उसके बाद होना क्या था जहां साहब ने कर्मचारी पर थप्पड जड़ा वहीं उनके कार्यकर्ताओ ने सभी कर्मचारियों को साहब के सामने मुर्गा बना दिया । आखिर गलती यही थी कि साहब के सोने वाला बिस्तर का चादर गंदा था । लेकिन कर्मचारी करे तो करे क्या जब रेल विभाग साफ चादर देगा ही नही । आजम जी आप ने अभी आम आदमी के साथ रेल में सफर नहीं किया ये तो आपके लिए एख छोटी सी चिंगारी थी जब आप जनता के साथ एख आम नागरिक बनकर सफर करेगे तो पता चलेगा कि आखिर कार रेल विभाग की कमजोरी क्या है आप ही नही अगर रेल मंत्री पवन बंसल भी आण आदमी की तरह निकलेगे तो उन्हे भी अपने विभाग के बारे में पता चल जाएगा ।

क्या लोकआयुक्त का डंडा सिर्फ इमानदारों पर चलता है या इनेक लिए हर कोई बराबार चाहे वह मंत्री हो या राजनेता ही क्यों न हो ... लेकिन इस देश में ये डंडा सिर्फ उनलोगो पर चलता है जो अपना काम इमानदारी से करता है ... इसका क्या मतलब है कि लोकआयुक्त सिर्फ उन लोगो को पकड़ता है जो अपना काम सही से करते हैं .. इस देश में तमाम एसे नेता है जो अमीरों की सूची में सबसे ऊपर है ... और उनकी संपत्ति काफी फिर भी लोकआयुक्त उन पर अपना डंडा चलाने से बचता है जी हां उन नेताओं के नाम सबसे ऊपर है जो आज भी देश के मंत्रियों और गद्दावर नेताओं की सूची में शामिल हैं... यदि लोकआयुक्त अपनी जांच सच्चाई से करे तो देश को लूटने वाले नेताओं की पोल जल्द खुल जाएगी .....हर लोकआयुक्त को अपने प्रदेस के हर राजनेताओं और नौकर शाहों पर पैनी नजर रखनी चाहिए क्योंकिं उनके ही प्रदेश में कई नेता एसे हैं जो उनकों कुछ नहीं मानेत हैं और उनकी संपति सबूसे ज्यादा है ... क्योंकि उनके प्रदेश की जनता सब जानती है ,,,,

Wednesday, November 9, 2011

जल्दी दो हमें बुन्देलखण्ड

Posted by rachit kathil


अगर राजनीति करनी है तो इनसे सीखो अगर जनता के दिल में जगह बनानी तो भी इनसे सीखो और अगर चुनवा लड़ना है तो भी इन्ही से गुरू दीक्षा लो... क्योंकि ये है सच्चे राजनेता जो करते है जनता के हिथ का काम... और सुनते है जनता की... तभी तो हम सब ने इन्हे 2 बार विधायक और फिर विधायक से सीधे सांसद बनाया और केन्द्र में मंत्री भी... ये हैं झांसी से सांसद और केन्द्र में ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन आदित्य... जो है सच्चे राजनेता जरा इनको भी देखलेना चाहिए क्योंकि हमे इनसे है काफी उम्मीद केवल इनसे न ही इनकी पार्टी से और न किसी भी पार्टी से हमे तो जो बुन्देलखण्ड दे दो वो ही हमाराहीरो है लेकिन हमें आपसे इन से उम्मीदे ज्यादा है...
किसी ने सच कहा है..
कब तक हम यू ही दूसरों के सहारे जीते रहेगे हम जब स्वयं में राजा है तो हमें हमारा हक क्यों नहीं देते तुम...

Monday, August 8, 2011

राखी का बाबा प्रेम.

Posted by rachit kathil

बॉलिबुड में हमेशा से चर्चाओं में रहने वाली राखी सावंत अब एक बार फिर से अपने आप को चर्चा में रखना चाहती है.. और उन्होने फिर से शुरू कर दिया है एक एसा शो जो कर रहा है अजब देश की गजब कहानी को बया.. लेकिन इस शो के पहले में राखी की वो बायान जो लोगो को फिर से इंसाफ दिलाये ये तो लाजबाब है राखी ने अपने इस शो के पहले मीडिया मे जो कहा वो तो ओर चौकाने वाला है ...लेकिन उनके इस बयान ने लोगो को भी सदमें में डाल दिया.... जिसके चलते राखी एक बार फिर विवादों का हिस्सा बन गयी...राखी ने कहा कि वो बाबा रामदेव से बहुत प्यार करती है और उनसे शादी भी करना चाहती है जिसके चलते वो उनके लिये दीवानी भी है...राखी ने तो यहां तक कह कि वो आपके लिये बाबा होगे वो तो मेरे लिये स्वामी है..ये बाते सुनकर आखिर कार कौन सा ऐसा शख्स होगा जो राखी की इन बातो पर मजा नहीं लेगे लेकिन जब राखी ने ये कहा कि उन्हे बाबा में उनका पेट ज्यादा पसंद है तो फिर तो ये बात संच है कि अब बाबा का क्या होगा क्योंकि राखी जैसी हसीना उनके पीछे जो पड़ गयी है.... लेकिन राखी सावंत जहां अपना स्वयंबर करा चुकी है और शादी शुदा जिंदगी भी बिता रही है उन्हे एसी बात शोभा नहीं देती है... राखी की इस बात पर तो बाबा ने कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन राखी ने अपने शो को और पॉपूलर करने के लिये ये भी कह दिया कि वो बाबा से ज्लद ही शादी करने वाली है बाबा के साथ हनीमून के लिये चांद पर जायेगी....जिसके लिये राखी ने तैयारी भी शुरू कर दी है.. वहीं राखी का कहना है कि बाबा उनके शो में आयेगे और उनसे इस विषय में वो बात भी करेगी अब देखना ये है कि क्या बाबा रामदेव राखी सांवत का प्रपोजल मानते है या नहीं... और इस पर वो क्या टिप्पणी देगे.....

Wednesday, July 6, 2011

वर्दी वाले गुण्डे....

Posted by rachit kathil



उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की हालत दिन प्रति दिन चिंताजनक होती जा रही है। इस प्रदेश में अब महिलाओं ओंर लड़कियों के खिलाफ अपराध के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। चाहे वह लखीमपुर खीरी का मामला हो या फिर रायबरेली का मामला हो... वहीं एक महिने के अंदर बलात्कार के कम से कम 30 ज्यादा मामले साने आ चुके है...जहां अभी तक तो सिर्फ आम जनता की बहु बेटियो का शिकार हो हुआ करता था.. और अब तो पुलिस वालों की बहु बेटियां ही सुरक्षित नहीं हैतो हमारी सुरक्षा कैसे होगी....वीते 10 जून को लखीमपुर खीरी में हुए नबालिग लड़की से हुए बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी गयी थी ..... और उसका शव भी थाना परिसर में ही दफनाया गया था... जिसके चलते इस मामले ने जब तूल पकड़ा तो सरकार के होश उड गये और तुरन्त इस मामले में कार्वाही करने का आदेश दे दिया.. और आरोपी पुलिस वालो को सस्पेंड भी कर दिया था.... लेकिन अभी लखीमपुर खीरी की आग ढ़ंडी ही नहीं हुई थी कि वर्दी वाले इन गुण्डों का एक और नया चेहरा देखने को मिला...और ये चेहरा जिस रूप में देखने को मिला ये पढ़कर आप की रूह काम जायेगी.. क्योकि अब इन वर्दी वाले गुण्ड़ो को अपने ही साथियों की बहू बेटी पसंद आने लगी है.. वाक्या बुन्देलखण्ड के झांसी जिले का है... झांसी जिले की मऊरानीपुर तहसील में दो युवतियों के साथ गौंग रेप किया गया... और ये गैंग रेप किसी गुण्डे ने नहीं बल्कि ये गैंग रेप किया है वर्दी वाले गुण्डों ने जो है इस समय नशे में चूर... इस गन्दे काम को कोई और करे तो उस पर पुलिस कठोर कारवाई करती है और ये तो अब वर्दी वाले गुण्डों ने किया तो फिर इनका क्या होगा ये एक बड़ा सवाल है... वो भी एक नहीं 5 -5 वर्दी वाले गुण्डो बलात्कार किया.... वहीं ये दोनों पीड़ित लड़की किसी आम परिवार की नहीं बल्की हमारी सुरक्षा का भार सहने वाली पुलिस कर्मचारियों की बेटी है ... जो अपने परिवार से आयी तो थी चित्रकूट जाने के लिये लेकिन रेलवे स्टेशनों पर कुछ लड़को द्वारा छेड़ने पर पुलिस ने उन लड़को के साथ इन्हे भी थाने ले गयी ...जहां पर थाने में बिना महिला कांस्टेबल के पूरी रात दो लड़कियों को बंधक बनाकर रखा और उसके बाद उनके साथ हुए वर्दी वाले गुण्डो ने किया घिनोना काम वहीं जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए मामले की जांच की बात कही है वहीं इस पूरे मामले से आम जनता के मन में यही सवाल उठ रहा है कि जब रक्षक ही भक्षक बन जायेंगे तो हमारी रक्षा कौन करेगा .... जहां इस प्रदेश की मुखिया बार बार यही बात कह थी है कि य़ूपी में क्राइम कम हो गयी है और महिलाओं की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया जायेगा... तो कहीं ये बाते सरकारी कागजों तक ही तो सीमित नहीं ....या फिर चुनाव के लिये मायावती जी ये नयी चाल चल रही हों..लकिन अब ये जनता इन सारे सवालों का जबाब चाहती है कि ये अपाराध कब तक रूकेगे .. और महिलाओं की सुरक्षा पर कब ध्यान दिया जायेगा... क्योंकि वे खुद क महिला है.... ये सारे जबबा अब माया मेम जनता चुनाव के बादों से पहले चाहती है...

बाइट--- ये जो भी हुआ बड़ा गलत हुआ है और अब तो सरकार को अपनी आंखे खोल लेना चाहिए कि उनके अधिकारी ये क्या कर रहे है
हरिश्चंद्र आर्य (नगर पालिका अध्यक्ष) मऊरानीपुर झांसी
बाइट—जो हुआ वो गलत है जब रक्षक ही भक्षक बन जायेगे तो जनता किस पर विश्वास करेगी मैं इस की जांच करूंगा और माया सरकार में ये जंगल राज मचा हुआ है...
प्रदीप जैन आदित्य (केन्द्रीय ग्रामीण राज्य मंत्री )भारत सरकार




आज कल कुछ अभिनेत्री कुछ अगल तरह से अपना नाम फैमश करने में लगी है..बहुत कम समय में अनुष्का शर्मा का शुमार बॉलिवुड की नामचीन हीरोइनों में से एक है बैंड बाजा बरात के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का आईफा अवार्ड पाने वाली ये अदाकारा मुम्बई एयरपोर्ट पर अघोषित ज्वैलरी और कीमती घड़ियां मिलने पर हिरासत में ली गयी..ज्वैलरी में हीरे की अंगूठी और सोने की चेन शामिल है.. अनुष्का को 27 जून को दोपहर करीब 3 बजे मुम्बई एयरपोर्ट पर हिरासत में लिय़ा गया था...उनेक पास से करीब 50लाख रूपये के जेवरात और कीमती घड़ियां बरामद हुई थी...अनुष्का इस सामान के बारे में कोई पुख्ता जबाब कस्टम विभाग के अधिकारियों को नहीं दे पाई है...अनुष्का कनाडा के टोरंटो में आईफा समारोह में हिस्सा लेकर भारत लौट रही थी.. वहीं अनुष्का टोरंटो से सिंगापुर होते हुए भारत पहुंची थी....वहीं मुम्बई एयरपोरेट में ग्रीन चैनल से गुजरते वक्त अनुष्का को कस्टम विभाग के कुछ आलाधिकारियों ने रोक लिया...और कस्टम विभाग ने बिना कस्टम ड्यूटी चुकाये अनुष्का के साथ जा रहे सामान को रोक लिया और कई घंटो तक पूछताछ की ..कई घंटो की पूछताछ के बाद अउष्का ने विभाग को बताय कि ये गहने वो इंडिया से ही अपने साथ टोरंटो ले गयी थी... इसी वजह से ही उन्होने इस का डिक्लयरेशन नहीं किया थाजिसके लिये कस्टम विभाग के अधिकारियो ने उन्होने कस्टम विभाग में कई घंटों तक बिठाये रखा..अनुषका का की दलील थी कि इन जेवरों पर कोई कस्टम ड्यूटि नहीं बनती है..वहीं इस सच को पता लगाने के लिये इन जवेलरी से संबधित जवेलर को भई कस्टम विभाग ने बुलाया गया...अनुष्का के प्रव्कता ने बताय कि उन्हे बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है..और जो जेवर अनुष्का के पास मिले है .वो उन्हें अलग-अलग ब्रांड ने मुहैया कराए है..वहीं प्रवक्ता ने ये भी कहा है कि ये ज्वैलरी अनुष्का की नहीं है..वहीं पिछले महीने अभिनेत्री मिनिषा लांबा को भी मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनल पर कस्टम के अधिकारियों ने हिरासत में लिया था..मिनिशा की तलाशी के दौरान उनके पास से 55 लाख से ज्यादा की ज्वैलरी बरामद हुई थी..वेलडन-अब्बा और बचना ऐ हसीनों की इस अदाकारा को कस्टम विभआग के सवालों के जबाब देने में पसीने आगये थे..इन्हे करीब 16 घंटो के बाद कस्टम ने छोड़ा था..वहीं मई महिने की 26 तारीख को भी एक और दिलकश आदा कारा को भी कस्टम विभाग ने उनके सामान के साथ रोक लिया था... ..ये अदाकारा है बॉलीबुड की अभिनेत्री बिपाशा बसु जिन्हे मुंबई एयरपोर्ट पर 65 हजार की कस्टम ड्यूटी न चुकाने पर कस्टम विभाग ने रोका था...वहीं घंटो की पूछताछ के बाद बिपाशा बसु को जुर्माना भी भरना पड़ा था....और बाद में बिपाश ने मीडिया से ये कहा कि मुझे कस्टम के नियम नहीं मालूम थे...वहीं इस तरह का बयान इससे पहले भी मिनिषा लांबा के मुह सुनने को मिला था..दरसल ग्लैमर वर्ल्ड के कई सितारे शोहरत को पचा नहीं पा रहे है...वो एसी हरकते करते है ताकि उन पर उंगलियां उठने लगे ...जिससे लोग उनके उपर उंगली उठाये... मायानगरी के बहुत से कलाकार इस बात पर भी भरोसा नहीं करते है कि बदनाम हुए तो क्या हुआ मेरा नाम तो होगया...ये ही सच्चाई है इस बॉलिवुड की....
मिनिषा लांबा
दिनांक- 14 मई 2011
गिरफ्तर- छत्रपतिशिवाजी टर्मिनल
आरोप-55 लाख की कस्टम ड्यूटी की चोरी
बिपाशा बसु
दिनांक- 26 मई 2011
आरोप- 65 हजार की कस्टम ड्यूटी की चोरी
अनुष्का शर्मा
दिनांक- 27 जून 2011
गिरफ्तार- मुंबई एयरपोर्ट
आरोप-50लाख की कस्टम ड्यूटी की चोरी

Sunday, June 19, 2011

लौट के बुधू घर को आये...

Posted by rachit kathil




राजनीति कब कब करवट बदलती है ये तो कोई नही जानता है....और करवट भी इस तरह से कि लोगो को कोई शक भी न हो... बीजेपी हो या फिर कोई अन्य राजनीतिक पार्टी हर कोई करवट बदल ने में माहिर है...बीजेपी तो इन सब में सबसे आगे है क्योकि अब उसे दिख रहा है यूपी की गद्दी का राजतिलक ... और इसके लिये उसने उठा लिया है एक एसा वाण जो शायद यूपी की गद्दी को दिलाने में बीजेपी के लिये राम बाण साबित हो सके... ये वो बाण है जो आप लोगो के दिमाग में हमेशा रहता है यानि कि सजन अब घर लौट आओ... जी हां यही सोच लेकर बीजेपी उतरी है मैदान में और उसने अपना पहला तीर छोड़ा है मध्य प्रदेश के बुन्देलखण्ड के टीकमगढ़ में 13 मई 1959 में जन्म लेने वीली उमा भारती को अब घर वापस बुला लिया है... ये वो ही उमा भारती है.. जिन्हे बीजेपी ने 6 साल पहले बागी का नारा देकर घर से बाहर का रास्ता दिखा दिया था..... और आज उन्ही का दाम थाम बीजेपी निकल पड़ी है उत्तर प्रदेश की गद्दी का सपना सजाने..... उमा भारती ने 1984 में बीजेपी से सबसे पहला चुनाव लडा था.. जिसमें उन्हे हार का सामना करने पड़ा था ... फिर उमा भारती ने 1989 में मध्य प्रदेश के खजुराहो से चुनाव लड़कर लोक सभा में पहला कदम रखा था.... और 1991,1996,और 1998 में इसी सीट से चुनाव लड़कर बीजेपी की एक सीट को मजबूत रखा... इसके बाद उमा भारती को पार्टी ने 1999 में भोपाल सीट से अपना उम्मीदवार बनाया....और एक बार फिर उमा की लहर ने पार्टी के विश्वास को बरकरार रखा... और अटल बिहारी की मजबूत सरकार का एक हिस्सा भी बनी...और इन्हे राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया ....
उमा भारती की लहर बीजेपी की उम्मीदो को इस तरह बढ़ा रही थी कि मध्य प्रदेश की पूरी कमान उनके हवाले कर दी गयी थी ... जिसके चलते उमा का बीजेपी को एक और रूप देखने मिला... ये रूप बीजेपी को जीत के रूप में देखने को मिला .... 10 सालो से मध्य प्रदेश में राज कर रही कांग्रेस की सरकार को उमा की लहर ने साफ कर दिया और दिग्गविजय सिंह को बता दिया कि वो एक साध्वी के साथ साथ एक नेता भी है जो जनता का दर्द जानती है......इसके बाद उमा को बीजेपी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर भी बिठाया लेकिन 2004 की दीपावली उमा भारती के लिये बीजेपी से बनवास के रूप में सामने आयी... नवंबर 2004 में धनतेरस के दिन आडवाणी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उमा भारती काफी बुरा-भला कहने के बाद वहां से चली गई थी। इस पर बीजेपी ने उन्हें कारण बताओं नोटिस जारी किया और पूछा कि क्यों न उन्हें पार्टी से निकाल दिया जाए। जिसके कुछ दिनों बाद उमा के सामने ये मुद्दा आया कि अब उनकी जगह शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बनेगे तो उमा ने इसका विरोध किया और पार्टी ने आखिरकार वर्ष 2005 में उन्हें बाहर का रास्ता दिखा ही दिया। और उमा भारती ने राजनीति में एक और नयी पार्टी को जन्म दिया... उसका नाम भी भारतीय जनता पार्टी से मिलता जुलता रखा गया .... उमा की नयी पार्टी का नाम भारतीय जनशक्ति पार्टी रखा ताकि उन्हे बीजेपी से लगाव बना रहे ... वहीं इस पार्टी के वर्तमान में मध्य प्रदेश के विधान सभा में 5 विधायक है ... और इस पार्टी से चुनाव हारने के बाद उमा भारती ने इस्तीफा भी दे दिया है.... जिसके बाद से ये अटकले लगयी जारही थी कि उमा भारती जल्द ही अपने घर में वापसी करेगी और ये सब नितिन गडकरी की महनत का असर है जो आज उमा भारती बीजेपी में वापिस आयी है क्योंकि बीजेपी में भी उमा को चाहने वाले कम उनके दुश्म ज्यादा है.. लेकिन बीजेपी की डूबती नइया पार लगाने में उमा को साथ में रखना पार्टी के लिये बहुत जरूरी है क्योकि बुन्देलखण्ड और अन्य जिलो के यदि लोधी वोट बैंक को चाहिए तो उमा का साथ होना बहुत जरूरी है...क्योकि उमा ही एक एसी नेता है जो जनता को अपने भाषणो से बांध कर रख सकती है.. और इनका साथ होना बीजेपी के लिये बहुत जरूरी है यदि यूपी का सहरा बीजेपी को अपने सिर बांध ना है..
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Friday, May 20, 2011

ये जनता है सब जानती है...

Posted by rachit kathil



हमारे देश की राजनीति जब जब करवट बदलती है तब समझो कि अब कोई न कोई नया गेम शो शुरू होने वाला है.. और ये गेम शो चुनावी दौर के वक्त ही शुरू होता है... लेकिन जब चुनाव देश की राजनीति तय करने वाले प्रदेश में होतो तो बात ही कुछ ओर है..जी हां देश के कुछ राज्यों में 2012 में विधान सभा चुनाव होने है..उनमें से एक सरकारी आंकड़ो का उत्तम प्रदेश भी है जी हां उत्तर प्रदेश... जिससे पूरे देश की सत्ता तय होती है कि किस पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलने वाला है..लेकिन इस प्रदेश पर हर पार्टी अपना कब्जा करना चाहती है...चाहे वह राष्ट्रीय पार्टी हो या फिर राज्य स्तरी पार्टी ही क्यों न हो..सभी अपनी अपनी ताकते आजमाने में लगे है.. क्योंकि हर कोई उत्तम प्रदेश का सिरमोर पहनना चाहता है.. जिसके लिये उन्होने उत्तर प्रदेश के अति पिछड़ी जगह बुंदेलखण्ड को चुना जो हर किसी पार्टी के लिये मील का पत्थर साबित हो सकता है... जिसको कांग्रेस के युवराज ने मील का पत्थर मानकर अपनी यात्रा दुबारा यहीं से शुरु की और एक बार फिर इन बेबस और मजबूर किसानों कि दुखती रगों पर रोटियां सेकने की तैयारी में हर पार्टी इस बार बुन्देलखण्ड को ही अपना निशाना बना रही है .. ये वहीं बुन्देलखण्ड है जो कभी सूखे की मार झेलता है तो कभी ज्यादा बारिश की फिर भी यहां के किसानो की हालत इन राजनेताओं के गले नहीं उतर रही है..जिसके लिये एक तरफ राहुल अपना मिशन यूपी का सपना सजोये बुन्देलखण्ड के हर गांव के दौरे पर निकल आये है वहीं बीएसपी सुप्रीमो के दौरों के बाद अब उनका कैबिनेट मंत्रियों के दौरे बुन्देलखण्ड की जनता को दिखने लगे है... वहीं कांग्रेस युवराज राहुल गांधी के बार बार कहने पर पीएम मनमोहन सिंह ने भी बुन्देलखण्ड के दौरे पर जाना उचित समझा.. और दोनो ने इस की शुरुवात उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से की ... पहले तो दोनो ने बुन्देलखण्ड के किसानो का दुख दर्द सुना और फिर एक के बाद एक घोषणा शुरु कर दी ताकि जनता को ये लगे की उनके हित में कांग्रेस कितना सोच रही है.. लेकिन कांग्रेस ने वहां भी एक तीर से दो शिकार करना उचित समझा... और जनता को ये लगा कि ये लोग मद्द करने के लिये आये है लेकिन वहां तो कुछ ओर ही तीर चल रहे थे ... बुन्देलखण्ड के विकास के लिये प्रधानमंत्री ने जहां बुन्देलखण्ड को 200 करोड़ का बजट दिया वहीं माया मेम पर भी निशाना साधने से पीछे नहीं हटे...और ये भी कह दिया की यूपी सरकार इस बजट को लोगो तक नहीं पहुंचने देती है और वह उपर ही उपर हजम हो जाता है..लेकिन पीएम के बाद राहुल भई कैसे चुप रह पाते और राहुल ने भी माया सरकार को कठ घरे में लाकर खड़ा कर दिया... ताकि सब को ये लगे की हम जनता के बहुत हितेशी है... वहीं एक तरफ राहुल के तीर चले और माया मेम चुपचाप देखती रहे एसा तो होई नही सकता था... माया सरकार के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर ने राहुल के चलाये गये एक एक तीर का करारा जबैब दिया ओर कह डाला कि माया सरकार ने कभी भी बुन्देलखण्ड के किसानो कुछ गलत नही सोचा है माया सरकार ने तो इसे के लिये अलग से एक प्रधिकरण भी बनाया है ताकि बुन्देलखण्ड का विकास हो पाये वहीं किसानो की सरकार हर सम्भ मद्द करती है इसके लिये हर बार कोई न कोई घोषणा भी करती है...ताकि बुन्देलखण्ड के किसान को हर सम्भव मद्द मिल सके और शाशंक शेखर भी इन आरोपो को कैसे सुनलेते तो बीएसपी ने भई एक तीर से दो शिकार खेले और कांग्रेस के युवराज से पूछ ही डाला कि उनके पिता ने 1987 में बुन्देलखण्ड में एक गिलास फैक्ट्री का शिलान्यास किया था वो अब तक तो दिखाई नही दी है तो फिर कौन चोर है... लेकिन राजनेता चाहे जितनी रोटी सेक लें लेकिन इस बार जनता सब जान चुकी है कि हमारा कौन है और पराया कौन है... इस लिये कहते है कि ये जनता सब जानती है....

Tuesday, April 19, 2011

बिल पर सियासी राजनीति

Posted by rachit kathil






हम भ्रष्टटन के भ्रष्ट हमारे ये कहना कहीं गलत नहीं है...क्योंकि आज कल भ्रष्ट ही हमारे हो चुके है.... एक तरफ जहां देश में व्याप्त भ्रष्टाचार को रोकने के लिये देश में लड़ाई जारी है वहीं दूसरी ओर देश के राजनेता अपनी राजनीति चमकाने में लगे हुए है...तभी तो ये कहा जा रहा है कि हम भ्रष्टटन के भ्रष्ट हमारे आज कल राजनेताओं की राजनीति तो इस कदर सिर चढ़ कर बोल रही है कि वो इस कानून की लड़ाई लड़ने वाले राजनेताओं की पीछे ही हाथ थोकर पड़े हुए है... लेकिन उनके हाथ इतने लम्बे नहीं है कि जनता के हित में जारी होने वाले इस बिल को रोक पाये .... समाजसेवी अन्ना हजारे की ये मुहीन आज लोगो के दिलों की धड़क्कन बन चुकी है.. जनता आज इस बिल को लेकर काफी उत्तेजित है लेकिन राजनेता चाहे कुछ भी नये पेतरे अपना लें लेकिन इस बिल को तो सरकार को पास करना ही होगा....
इस बिल को लेकर छिड़ी मुहीम ने एक बार फिर कांग्रेस सरकार की पोल खोल कर रख दी है.... इस बिल के लिये जैसे ही जंतर मंतर पर लोगो ने अन्ना का समर्थन करना शुरु ही किया की सरकार को भी मिस्त्र का डर सातेने लगा... कि कहीं कांग्रेस को लेकर भी जनता सड़क पर न आजाये... जिसके चलते कांग्रेस ने क तीर से दो शिकार करने शुरु कर दिये ..... कांग्रस जहां स बिल को लेकर चिंतन कर रही थी वहीं कांग्रेस के महसचिव और हमेशा किसी न किसी बात को लोकर चर्चा में रहने वाले दिग्गीविजय सिंह ने जनता के सामने उन लोगो को खड़ा कर दिया जो इस मुहीम के हिस्सेदार है...दिग्गी राजा ने सबसे पहले इस मुहीम के सबसे बड़े हिस्सेदार और भ्रष्टाचार को लेकर लोगो के सामने सरकार की पोल खोलने वाले बाबा रामदेव को कट घरो में लाकर खड़ा कर दिया और कह दिया की ये लोग जो भ्रष्टाचार को लकेर इतनी सारी बातों कर रहे हैवो पहले अपनी ही सम्मपती का ब्यौरा दें...दिग्गविजय सिंह ने अकले रामदेव को ही नहीं अन्ना हजारे, अरविन्द केजीवाला , शांति भूषण और उनके बेटे तक को सामने खड़ा कर दिया ....यही नहीं इस लोकपाल बिल की पहली बैठक में भी सियासी राजनीति जमकर सामने आयी....बिल पर हुई पहली बैठक को लेकर जो चर्चा हुई वो तो बहुत अच्छी थी लोकिन जो बाहर निकल कहा वो भी अच्छा था... ये इसारा में जिस की तरफ कर रहा हूं वो आप लोग अच्छी तरह से समझ रहे होगे...... मैं यहां बात कर रहूं मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल की जो अन्ना के लिये दूसरे दोषी के रुप में सामने आये है.... अन्ना का मानना है कि लोगो को बैठक से बाहर निकल कर कुछ कहा और घर पर जाकर कुछ खास मीडिया के लोगो से कुछ और बाते कही जिससे जनता के मन में इस बिल को लेकर कुछ न कुछ गलत संदेश जरूर पहुंचा है... वहीं इस बिल को लेकर अन्ना की लड़ाई अब जोरो पर है...इस बिल को लेकर हर पार्टी अब राजनीति के चमकाने का काम कर रही है... चाहे वह बीजेपी हो या फिर अन्य कोई पार्टी क्यों न हो.....सभी की नजरे अन्ना के इस बिल पर आकर टिक गयी है... क्योंकि हला ही में कुछ राज्यों में विधान सभा चुनाव होने है... जिसके चलते लोगो को लुभाने के लिये शीतकालीन सत्र में जरूर ये मुद्दा संसद की गूंज बनेगा.... वहीं पहल इस मुहीम के द्वारा जनता के कई सवाल सरकार से पूछने जा रही है कि वो इस बिल पर आखिर कार इतनी राजनीति क्यों हो रही है....ओर कहां तक ये बाते सच्च है कि सरकार पर जो आरोप लगे है वो सारे सही है...ये सारी बाते जनता जानना चाहती है.... वहीं जनता के साथ साथ अन्ना ने भी यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिठ्ठी लिख कर ये साफ कर दिया है कि ये जो हो रहा है वे कहां तक सही है क्या दिग्गविजय ओर कपिल सिब्बल के बयानों के पीछे कहीं कांग्रेस का हाथ तो नहीं ये सारी बातो के जबाब अन्ना ने सोनिया ये पत्र में लिख कर मांगे है वहीं इस पत्र ने ये भी साफ कर दिया है कि ये पत्र नहीं ये एक चेतावनी है....जो कांग्रेस के लिये एक सबक है............

Thursday, March 10, 2011

कौन है कितना सुन्दर ?

Posted by rachit kathil


उत्तर प्रदेश की सियासी राजनीति तो आपने जरुर देखी होगी…. लेकिन इस राजनीति पर अब कुछ खास नजर रखाना जरुरी है क्योंकि अब ये राजनीति वोट बैंक और विकास के वादों की नहीं बल्की खूबसूरती की हो गयी है...उत्तर प्रदेश में 2012 में विधान सभा चुनाव होना है और वहीं अब लोगो को लुभाने के लिये एक नया तीर चलाया गया है..
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव को तो आपने बीएसपी मुखिया सुश्री मायावती पर कड़े से कड़े तीर छोड़ते हुए तो मंचों पर सुना होगा...लेकिन जब कोई कुछ खास अंदाज में मायावती पर निशाना साधे तो फिर क्या कहना ? ... मुलायम सिंह तो मायावती के जानी दुश्मनों में से एक है जो एक दूसरे को देखते ही भड़क उठते है.... वहीं जब बात रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया की हो तो मायावती कभी भी उन्हे अपनी आंखों के सामने नहीं देख सकती है..... लेकिन जब पत्रकारों के सवाल की बात आये तो कोई कैसे चुप रह सकता है.... लखनऊ में विधान सभा सत्र से एक दिन पहले प्रेस कॉफ्रेस में मुलायम ने राजा भइया की जगह पत्रकार के सवाल पर अपनी ही खूबसूरती को दिखा दिया कि हम उनसे ज्यादा खूबसूरत है... पत्रकार ने जब मुलायम सिंह से पूछा कि अपराधियों के चुनाव लड़ने के बारे में उनकी और मायावती की राय एक जैसी क्यों है.... तो मुलायम ने ये जबाब दे कर लोगो का मुह बंद कर दिया है.....लेकिन जब ये बात मुलायम ने कही तो उस समय मुलायम का चेहरा देखने काबिल था.....लेकिन बार बार इस बात को ध्यान करते वक्त मुझे ये ही याद आता है कि क्या मुलायम को अब माया के सामने अपनी खूबसूरती दिखानी होगी या फिर अपना दमखम ....लेकिन मुलायम सिंह तो समाजवादी नेता है वे कैसे खूबसूरती की बात कर सकते है.....और समाजवाद तो महिलाओं का आदर करता है.... तो क्या इस बार मुलायम सिंह को ब्यूटी प्लार जाकर खूबसूरत होना होगा या फिर ब्यूटी टिप्स लेनी होगा अपने चेहरे निखार लाने के लिये......वैसे मुलायम तो दिखते ही सुन्दर हैं.... उन्हे किसी से टिप्स लेना की जरुरत ही कहां है वे तो दूसरों को टिप्स दिया करते है...
लेकिन चुनाव में तो यूपी में कई पार्टियां हिस्सा लेती है फिर किस किस को मुलायम की तरह सुन्दर देखना होगा....और कितनी ब्यूटी टिप्स लेनी होगी..... वहीं यदि और बड़ी पार्टियों की बात करें तो बीजेपी और कांग्रेस के सामने तो यह सवाल बहुत बड़ा होगा....कि उनकी पार्टी को ऐसा कौन सा चेहरा सामने लाना होगा कि उसे वह सुन्दर बता सके......और मैदान में बाजी मार सके ताकि यूपी पर उनका कब्जा हो सके.....यदि हम माया और मुलायम की सुन्दरता के सामने युवाओं की सुन्दरता की बात करते है तो मुलायम के सामने तो विकल्प है लेकिन माया का क्या होगा...वहीं सभी पार्टियों के पास भी सुन्दर युवा चेहरे तो है लेकिन कोई बड़ा नेता सुन्दर नही है जिसे वो मुलायम और माया की सुन्दरता के बीच खड़ा कर सके.....
वहीं पहल अनोखा कदम इस सुन्दरता पर कई सवाल खड़े करने जा रहा है कि क्या अब यूपी के नेताओं को चुनाव जीतने के लिये कैट वोक करना होगा....या फिर चुनाव में रैलियों से पहले ब्यूटी पार्लर जा कर नोताओ को खूब सूरत होना होगा.... या फिर विकास की जगह सुन्दरता ही नया एजेंडा होगा.....ये सारे सवालों का जबाब कौन देगा ? जो पहल ने मुलायम के इस सुन्दर तीर से छोड़े है.... क्या मुलायम सिंह को इस बार यूपी चुनाव में जनता से खतरा लग रहा है जो सुन्दरता की बातों से लोगो को लुभआने की सोच रहे है..... इस फैशन के दौर में पहल अनोख कदम तो यही है कि क्या इस बार यूपी में होने वाले 2012 के चुनावी एजेंडा में क्या सुन्दरता ही काम आयेगी या फिर प्रदेश का विकास..... ये तो वक्त आने पर जनता ही बतायेगी..... कि सुन्दरता लोगो को कितना लुभाती है.....या फिर उनका विकास लोगो को लुभाता है.... वहीं मुलायम के इस बयान पर विपक्ष ने चुटकी लेते हुए कहा है कि वो खुद तो कितने सुन्दर है ये तो सबको पता है और ये जनाता भी जानती है...इस सुन्दरता की प्रतियोगिता में अब कैटरीना, एशोरया, हेमामालनी, के बाद लोगो को अब मुलायम, माया, रीता, सूर्य प्रताप शाही में से किसी को तलाशना होगा तभी तो इस प्रतियोगिता में कोई विजय होगा......



बाइट मुलायम सिंह , सुप्रीमो ,समाजवादी पार्टी
मैं उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री और बीएसपी सुप्रीमों मायावती से ज्यादा खूबसूरत हूं इसलिए कोई उनकी तुलना करने की बात ही नहीं है......



प्रदेश में ये क्या हो रहा है....क्या ये वही प्रदेश है जिसे लोग उत्तम प्रदेश के नाम से जानते है...या फिर वो प्रदेश है जिसे लोग उत्तर प्रदेश कहते है.. इस प्रदेश में आज कल कुछ दिनों से काफि सर्गियां तेज है आखिर कार क्या मामला है जिससे ये प्रदेश आये दिन चर्चा में रहता है... ये प्रदेश कभी बलात्कार के मामलों में तो कभी चमचागिरी के मामलों में लोगो के सामने आते रहता है...जी हां हम बात कर रहे उसी उत्तम प्रदेश की जो सरकरी आंकड़ो मे ही उत्तम है.... जहां अब आम जनता के साथ खेला जा रहा है एक ओर सौतेला व्यवहार....ये व्यवहार केवल 2012 में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान हो रहा है...क्यों कि यूपी का राजनीति ही है जो देश और प्रदेश की राजनीति को तय करती है...जिसका अब पूरा फायदा उठाने में लगी है माया मैम साहब.....
उत्तर प्रदेश में 2012 में विधान सभा चुनाव होने है और उस पहले 2011 के सितम्बर या अक्टूबर प्रदेश में नगर निगम के चुनाव है...जिसके चलते माया मैम कोई भी मौका नही खूना चाहती है...उसके लिये माया सरकरा ही नही अन्य पार्टियों ने भी तैयैरी शुरु कर दी है... जिसके लिये बीएसपी ने एक नयी चाल चलकर लोगो को बता दिया कि चाहे कुछ भी हो जाये सरकार उनकी आयेगी...जिसके लिये वो हर सम्भव प्रयास कर रही है.....ओर उनका ये प्रयास आम जनता के सामने तब आया जब माया सरकार ने विधान सभा में विधेयक रखा कि लोगो को अब नगर निगम और नगर पंचायत के अध्यक्षो को नहीं चुन्नेगे और इन्हे सिर्फ चुने हुए प्रत्याशी ही चुनेगे..... जिस लेकर लोगो के अंदर काफी रोष व्यापत है....कि उनक अधिकारो के साथ ही सरकार क्यो खेलती है और उनकी परेशानी को अब कौन सुनेगा जब ये विधेयक पास हो जायेगा...... वही इस देश मे जहां जनता को सिर्फ एक ही अधिकार था कि अपने मत के प्रयोग से अपने शहर की सम्सयाओँ को का निदान कराने के लिये वो अपना प्रतिनिधि चुनकर उन पर अम्ल करा सकता था लेकिन सत्ता की भूख ने वो भई आज उनसे छईनने की मुहीनम चला दी है....जिसके चलते आज जनता ही नही पूरे प्रदेश में केवल एक ही चर्चा है कि अब जनता को क्या अधिकार है...यदि हम दूसरे देशओ की बात करे तो अमेरिका एक एसा देश है जहां का पूरा लोक तंत्र जनता के कंधो पर होता है लेकिन हामारे देश में ये अधिकार तो दूर अब शहर के मैयर को भी चुनने का अधिकार माया सरकार खत्म कर ने जा रही है...
इस विधेयक में यह प्रस्ताव रखा गया है कि लोगो को सिर्फ उनके क्षेत्र का साभसद या पार्षद ही चुनने का अधिकार दिया जाये ताकि वो सही पार्षद को चुनकर भेज सके...लेकिन जब जनता ही उसका विरोध करे तो फिर क्या कहना.... पहल पत्रिका ने इस विधेयक के चर्चाओँ में आते ही पूरे प्रदेश में एक मुहीम तैयार की ओर जनता से जानान चाहा कि वो क्या सोचती है इस विधेयक के बार में... तो जनता का एक ही फैसला है कि सरकार कोई भी मंत्री या नेता तो हमारे पास हमारी समस्याओं को सुनने आता नही तो फिर हम कैसे अपना अधिकार को खत्म करने की इज्जात दे इस माया सरकार को ... हमें तो अब अपना प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक चुनने का अधिकार मिलना चाहिये......लेकिन ये सरकार तो हम से हमारे ही हक को छीनना चाहती है.... वही जनता के साथ साथ विपक्ष ने भी इस विधेयक पर तीर चलने से पीछे नही हटी ....विपक्षियों की माने तो ये माया की तानाशाही है जो जनता के मताधिकार के साथ खेलना चाहती है...लेकिन पहल इस मुहीम की पर सरकार से कई सबला पूछाना चाहती है कि क्या वो आम जनता के अधिकारों के साथ खेल नही रही है.....या फिर सरकार अपने फायदे के लिये ये सब कुछ कर रही है... ये सारे जबाब जनता मांग रही है माया वती जी से ,....लेकिन माया ये भूल रही है कि जनता से उनके मताधिकार को छीनना कहीं उन्हें महांग पड़ जाये.... क्यों ये जनता है बहुत खुछ जानती है और अच्छे नेताओं को भी सिखा देती गद्दी की गर्मी का सुख....




बाइट --- ये सरकार हमारे मताधिकार को अपने सुख के लिये खरीदना चाहती है.... ताकि उसके लोग ही शासन करें...ओर हमारे सुखो के साथ खेल सके... कमलेश चतुर्वदी, मऊरानीपुर (झांसी) (आम आदमी)
मायवती अपना राज्य दुबारा लाने के लिये ये सारे षड़यंत्रो को रच रही है... ताकि वो प्रदेश की जनता पर दुबारा शासन कर सके... अभिनय सेठ, बांदा (आम आदमी)

बाइट---- माय का ये विधेयक लोगो के माताधिकार को छीनने की कोशिश कर रहा है...ताकि लोगो को उनका सचा सेवक नहीं मिल पाये......
रविन्द्र शुक्ला , पूर्व शिक्षामंत्री उ.प्र.
माया जो भी कर रही हौ वो सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने के लिये कर रही है शायद माय को ये डर है कि कही उनकी सरकार नचली जाये....
रामरति आर्य विधान सभा प्रत्याशी सपा , पूर्व ब्लाक प्रमुख मऊरानीपुर

Tuesday, March 8, 2011

माया के ये कैसे दौरे ?

Posted by rachit kathil


उत्तर प्रदेश की राजनीति दिन प्रतिदिन तेज हो जा रही है... ये राजनीति का एक ऐसा कुंआ है जिसे देखकर अच्छे नेता भी सिर से लेकर पैर तक कांप जाते है....क्योंकि जो भी राजनीति तय होती है वो यूपी से ही तय होती है... अगर केंद्र की राजनीति की बात करें तो वो भी यूपी से ही तय होती है...वहीं नजारा इस वक्त यूपी का है... क्योंकि 2012 में विधान सभा चुनाव है....
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती भी इस तरह कप कपा रही है कि उन्हे भी यूपी के दौरे की याद आ गई..वर्ष 2009 के बाद माया को सीधे 2011 में लोगो की याद आई और ये याद कोई एसी वैसी नहीं है ये तो 2012 में होने वाले विधान सभा चुनाव की है...वहीं किसी ने सच ही कहा है कि माया तेरी अजब कहानी....ये कहानी तब सामने आयी जब मायावती ने अलीगढ़ का दौरा किया और इस दौरे में माया के सामने कई लोग आये लेकिन माया को कोई फरक नहीं पड़ा... उस बीच एक करिश्मा देखने को मिला जो आपनो सोचा ही नहीं था.....माया तक अपनी बात पहुंचाने वाली महिलाओं को जब माया से नहीं मिलने दिया गया तो एक महिला माया के काफिले के सामने लेट गयी... लेकिन उसके दुख दर्द ने भी माया का दिल नहीं पिघला पाया और माया ने उससे बिना मिले ही वहां से चल उचित समझा.... लेकिन उसने फिर भी हार नहीं मानी और माया के काफिले के साथ उस जगह तक पहुंच गयी जहां पर माया का अगला कार्यक्रम था....लेकिन प्रशासन की पोल न खुल जाये इस लिये उसे माया से मिलने नहीं दिया गया.. ये सुनीता वो ही महिला है जिसने माया सरकार में सिचाई मंत्री जयवीर सिंह पर ये आरोप लागाया है कि उसके पिता को मंत्री के कहने पर ही मारा गया है ... सुनीता के पिता सिचाई विभाग में इंजीनियर थे ..... वहीं जब माया ने इटावा का दौरा किया तब भी माया को किसी की चिंता नहीं थी... और लोगो से मिलने की जगह माया को तो सिर्फ अपने कार्यक्रम की चिंता सताये जा रही थी....माया के दौरे ने तो जैसे पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया था.... जिसके चलते स्कूल के बच्चो को रविवार के दिन भी स्कूल में हाजरी लगनी पढ़ी... और जब पत्रकारों ने उनसे पूछा की तुम से मिलने कौन आया था तो उन्हे नाम तो मालूम था.. लेकिन उनकी पोस्ट मालूम नहीं थी.....ये तो छोटे – छोटे बच्चे थे.... वहीं इनको पढ़ाने वाले शिक्षकों को तो उनके विभाग के मंत्री तक का नाम ही नही मालूम था.... तो क्या इसे आनन फनन की पढ़ाई कह जाये या फिर उसे माया का ढ़र के नाम से पुकारा जाये ये तो सोचना बहुत जरुरी है.....
सुश्री मायावती के दौरो का ये सिलसिला तो चलता रहा लेकिन आज औरैया में तो कुछ अलग ही कर दिया बहन जी ने ... जो किया वो तो बहुत ही शर्मनाक था... अरे मेडम रुकिये तो जरा आपकी जूती गंदी है....जरा उसे साफ तो कदेने दीजिये...
यूपी के औरैया में डीएसपी रैंक के एक अफसर से मायावती ने अपनी जूती तक साफ करा ली....ये वाक्या छह फरवरी का है.. जब सीएम साहिबा औरैया दौरे पर आई थीं.... सीएम साहिबा हेलिकॉप्टर से उतरने के बाद जहां अधिकारियों से बातचीत में शरुफ थीं.... वहीं डीएसपी रैंक के एक अफसर पद्म सिंह ने उनकी जूती साफ किए जा रहे थे.....आपको ये भी बता दें कि पद्म सिंह को राष्ट्रपति पुलिस मेडल भी मिल चुका है...ये अधिकारी 1994 से मुख्यमंत्री मायावती की सुरक्षा में तैनात है.....और इसे एक साल का सेवा विस्तार भी मिल चुका है......अब इसे चाटूकारिता की हद कहें या ड्यूटी......ये तो माया जी या फिर पद्म सिंह ही जान सकते है.....लेकिन इन सारे दौरों पर जो कुछ हुआ... उनमें से ये वाक्या बहुत गलत हुआ है... कि पुलिस विभाग के आलाधिकारी मुख्यमंत्री की जूती साफ करे....वहीं इस मामले में विपक्ष ने भी जमकर तीर छोड़ने में कोई कोतोहल नही बरता ... ये घटना केवल औरैया की नहीं बल्कि ऐसा मामला अलीगढ़ में भी देखने को मिला है जिसमें अलीगढ़ के एसडीएम मायावती के पैर छूत हुए दिखे है....वहीं औरैया और अलीगढ़ की इस घटना को वरिष्ठ बीजेपी नेता राजनाथ सिंह ने ने शर्मनाक बताया है....उन्होंने कहा कि मायावती तानाशाह कर रही है...उन्होंने ये भी कहा कि मुख्यमंत्री ने अफसरों को चाटूकारिता करने के लिए मजबूर कर दिया है.....समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तो ये तक कह दिया है कि माया ने जो कुछ अधिकारियोम से कराया वह अब उन लोगो को कर ना होगा जिन्हे बीएसपी विधान सभा चुनाव का टिकिट चाहिये है... वहीं कैबिनेट सचिव शशांक शेखर ने जिस तरह से इस पूरे मामले में सफाई दी वो तो देखने काबिल थी... उन्होने कहा कि ये काम पद्म सिंह जी ने माया की जान के खतरे को देखते हुए किया है....लेकिन विपक्ष तो इस माया की तानाशाही के नाम से पुकारने में जुटा है... आखिर कार माया के इन दौरा का जनाता पर कैसा असर पड़ा होगा ये तो माया और माया की प्रजा यानि यूपी की जनता जानती होगी....लेकिन ऐसा काम क्या माय को शोभा दिया होगा...