
अगर राजनीति करनी है तो इनसे सीखो अगर जनता के दिल में जगह बनानी तो भी इनसे सीखो और अगर चुनवा लड़ना है तो भी इन्ही से गुरू दीक्षा लो... क्योंकि ये है सच्चे राजनेता जो करते है जनता के हिथ का काम... और सुनते है जनता की... तभी तो हम सब ने इन्हे 2 बार विधायक और फिर विधायक से सीधे सांसद बनाया और केन्द्र में मंत्री भी... ये हैं झांसी से सांसद और केन्द्र में ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन आदित्य... जो है सच्चे राजनेता जरा इनको भी देखलेना चाहिए क्योंकि हमे इनसे है काफी उम्मीद केवल इनसे न ही इनकी पार्टी से और न किसी भी पार्टी से हमे तो जो बुन्देलखण्ड दे दो वो ही हमाराहीरो है लेकिन हमें आपसे इन से उम्मीदे ज्यादा है...
किसी ने सच कहा है..
कब तक हम यू ही दूसरों के सहारे जीते रहेगे हम जब स्वयं में राजा है तो हमें हमारा हक क्यों नहीं देते तुम...
TIME
- अपनों की ठोकर (1)
- उमा की घर वापसी........ (1)
- और कौन हो सकता है निशाने पर (1)
- कोई बड़ी बात नहीं ये होना (1)
- चलेगा बजट सत्र या होगा हंगामा (1)
- चव्हाण की कुर्सी पर कौन ? (1)
- नाबालिग से है बलात्कार का आरोप (1)
- नितिन गडकरी का बयान (1)
- निह्त्थों पर चलाई गोली (1)
- नीतीश की ताजपोशी में अश्लीलता (1)
- बाबा से करेगी शादी और हनीमून चांद पर (1)
- बिना शादी के लौटी बारात (1)
- माया तेरी अजब कहानी (1)
- राम राम सत्य है मूर्दा बड़ा चुस्त है. (1)
- लंका में निकला बिग ब्रदर (1)
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- rachit kathil
- मै एक छोटे परिवार से हूं और एक सफल पत्रकार बनकर लोगों के कष्टों को सबके सामने लाना है....
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बॉलिबुड में हमेशा से चर्चाओं में रहने वाली राखी सावंत अब एक बार फिर से अपने आप को चर्चा में रखना चाहती है.. और उन्होने फिर से शुरू कर दिया है एक एसा शो जो कर रहा है अजब देश की गजब कहानी को बया.. लेकिन इस शो के पहले में राखी की वो बायान जो लोगो को फिर से इंसाफ दिलाये ये तो लाजबाब है राखी ने अपने इस शो के पहले मीडिया मे जो कहा वो तो ओर चौकाने वाला है ...लेकिन उनके इस बयान ने लोगो को भी सदमें में डाल दिया.... जिसके चलते राखी एक बार फिर विवादों का हिस्सा बन गयी...राखी ने कहा कि वो बाबा रामदेव से बहुत प्यार करती है और उनसे शादी भी करना चाहती है जिसके चलते वो उनके लिये दीवानी भी है...राखी ने तो यहां तक कह कि वो आपके लिये बाबा होगे वो तो मेरे लिये स्वामी है..ये बाते सुनकर आखिर कार कौन सा ऐसा शख्स होगा जो राखी की इन बातो पर मजा नहीं लेगे लेकिन जब राखी ने ये कहा कि उन्हे बाबा में उनका पेट ज्यादा पसंद है तो फिर तो ये बात संच है कि अब बाबा का क्या होगा क्योंकि राखी जैसी हसीना उनके पीछे जो पड़ गयी है.... लेकिन राखी सावंत जहां अपना स्वयंबर करा चुकी है और शादी शुदा जिंदगी भी बिता रही है उन्हे एसी बात शोभा नहीं देती है... राखी की इस बात पर तो बाबा ने कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन राखी ने अपने शो को और पॉपूलर करने के लिये ये भी कह दिया कि वो बाबा से ज्लद ही शादी करने वाली है बाबा के साथ हनीमून के लिये चांद पर जायेगी....जिसके लिये राखी ने तैयारी भी शुरू कर दी है.. वहीं राखी का कहना है कि बाबा उनके शो में आयेगे और उनसे इस विषय में वो बात भी करेगी अब देखना ये है कि क्या बाबा रामदेव राखी सांवत का प्रपोजल मानते है या नहीं... और इस पर वो क्या टिप्पणी देगे.....


उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की हालत दिन प्रति दिन चिंताजनक होती जा रही है। इस प्रदेश में अब महिलाओं ओंर लड़कियों के खिलाफ अपराध के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। चाहे वह लखीमपुर खीरी का मामला हो या फिर रायबरेली का मामला हो... वहीं एक महिने के अंदर बलात्कार के कम से कम 30 ज्यादा मामले साने आ चुके है...जहां अभी तक तो सिर्फ आम जनता की बहु बेटियो का शिकार हो हुआ करता था.. और अब तो पुलिस वालों की बहु बेटियां ही सुरक्षित नहीं हैतो हमारी सुरक्षा कैसे होगी....वीते 10 जून को लखीमपुर खीरी में हुए नबालिग लड़की से हुए बलात्कार के बाद उसकी हत्या कर दी गयी थी ..... और उसका शव भी थाना परिसर में ही दफनाया गया था... जिसके चलते इस मामले ने जब तूल पकड़ा तो सरकार के होश उड गये और तुरन्त इस मामले में कार्वाही करने का आदेश दे दिया.. और आरोपी पुलिस वालो को सस्पेंड भी कर दिया था.... लेकिन अभी लखीमपुर खीरी की आग ढ़ंडी ही नहीं हुई थी कि वर्दी वाले इन गुण्डों का एक और नया चेहरा देखने को मिला...और ये चेहरा जिस रूप में देखने को मिला ये पढ़कर आप की रूह काम जायेगी.. क्योकि अब इन वर्दी वाले गुण्ड़ो को अपने ही साथियों की बहू बेटी पसंद आने लगी है.. वाक्या बुन्देलखण्ड के झांसी जिले का है... झांसी जिले की मऊरानीपुर तहसील में दो युवतियों के साथ गौंग रेप किया गया... और ये गैंग रेप किसी गुण्डे ने नहीं बल्कि ये गैंग रेप किया है वर्दी वाले गुण्डों ने जो है इस समय नशे में चूर... इस गन्दे काम को कोई और करे तो उस पर पुलिस कठोर कारवाई करती है और ये तो अब वर्दी वाले गुण्डों ने किया तो फिर इनका क्या होगा ये एक बड़ा सवाल है... वो भी एक नहीं 5 -5 वर्दी वाले गुण्डो बलात्कार किया.... वहीं ये दोनों पीड़ित लड़की किसी आम परिवार की नहीं बल्की हमारी सुरक्षा का भार सहने वाली पुलिस कर्मचारियों की बेटी है ... जो अपने परिवार से आयी तो थी चित्रकूट जाने के लिये लेकिन रेलवे स्टेशनों पर कुछ लड़को द्वारा छेड़ने पर पुलिस ने उन लड़को के साथ इन्हे भी थाने ले गयी ...जहां पर थाने में बिना महिला कांस्टेबल के पूरी रात दो लड़कियों को बंधक बनाकर रखा और उसके बाद उनके साथ हुए वर्दी वाले गुण्डो ने किया घिनोना काम वहीं जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटना की पुष्टि करते हुए मामले की जांच की बात कही है वहीं इस पूरे मामले से आम जनता के मन में यही सवाल उठ रहा है कि जब रक्षक ही भक्षक बन जायेंगे तो हमारी रक्षा कौन करेगा .... जहां इस प्रदेश की मुखिया बार बार यही बात कह थी है कि य़ूपी में क्राइम कम हो गयी है और महिलाओं की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया जायेगा... तो कहीं ये बाते सरकारी कागजों तक ही तो सीमित नहीं ....या फिर चुनाव के लिये मायावती जी ये नयी चाल चल रही हों..लकिन अब ये जनता इन सारे सवालों का जबाब चाहती है कि ये अपाराध कब तक रूकेगे .. और महिलाओं की सुरक्षा पर कब ध्यान दिया जायेगा... क्योंकि वे खुद क महिला है.... ये सारे जबबा अब माया मेम जनता चुनाव के बादों से पहले चाहती है...
बाइट--- ये जो भी हुआ बड़ा गलत हुआ है और अब तो सरकार को अपनी आंखे खोल लेना चाहिए कि उनके अधिकारी ये क्या कर रहे है
हरिश्चंद्र आर्य (नगर पालिका अध्यक्ष) मऊरानीपुर झांसी
बाइट—जो हुआ वो गलत है जब रक्षक ही भक्षक बन जायेगे तो जनता किस पर विश्वास करेगी मैं इस की जांच करूंगा और माया सरकार में ये जंगल राज मचा हुआ है...
प्रदीप जैन आदित्य (केन्द्रीय ग्रामीण राज्य मंत्री )भारत सरकार



आज कल कुछ अभिनेत्री कुछ अगल तरह से अपना नाम फैमश करने में लगी है..बहुत कम समय में अनुष्का शर्मा का शुमार बॉलिवुड की नामचीन हीरोइनों में से एक है बैंड बाजा बरात के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का आईफा अवार्ड पाने वाली ये अदाकारा मुम्बई एयरपोर्ट पर अघोषित ज्वैलरी और कीमती घड़ियां मिलने पर हिरासत में ली गयी..ज्वैलरी में हीरे की अंगूठी और सोने की चेन शामिल है.. अनुष्का को 27 जून को दोपहर करीब 3 बजे मुम्बई एयरपोर्ट पर हिरासत में लिय़ा गया था...उनेक पास से करीब 50लाख रूपये के जेवरात और कीमती घड़ियां बरामद हुई थी...अनुष्का इस सामान के बारे में कोई पुख्ता जबाब कस्टम विभाग के अधिकारियों को नहीं दे पाई है...अनुष्का कनाडा के टोरंटो में आईफा समारोह में हिस्सा लेकर भारत लौट रही थी.. वहीं अनुष्का टोरंटो से सिंगापुर होते हुए भारत पहुंची थी....वहीं मुम्बई एयरपोरेट में ग्रीन चैनल से गुजरते वक्त अनुष्का को कस्टम विभाग के कुछ आलाधिकारियों ने रोक लिया...और कस्टम विभाग ने बिना कस्टम ड्यूटी चुकाये अनुष्का के साथ जा रहे सामान को रोक लिया और कई घंटो तक पूछताछ की ..कई घंटो की पूछताछ के बाद अउष्का ने विभाग को बताय कि ये गहने वो इंडिया से ही अपने साथ टोरंटो ले गयी थी... इसी वजह से ही उन्होने इस का डिक्लयरेशन नहीं किया थाजिसके लिये कस्टम विभाग के अधिकारियो ने उन्होने कस्टम विभाग में कई घंटों तक बिठाये रखा..अनुषका का की दलील थी कि इन जेवरों पर कोई कस्टम ड्यूटि नहीं बनती है..वहीं इस सच को पता लगाने के लिये इन जवेलरी से संबधित जवेलर को भई कस्टम विभाग ने बुलाया गया...अनुष्का के प्रव्कता ने बताय कि उन्हे बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है..और जो जेवर अनुष्का के पास मिले है .वो उन्हें अलग-अलग ब्रांड ने मुहैया कराए है..वहीं प्रवक्ता ने ये भी कहा है कि ये ज्वैलरी अनुष्का की नहीं है..वहीं पिछले महीने अभिनेत्री मिनिषा लांबा को भी मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनल पर कस्टम के अधिकारियों ने हिरासत में लिया था..मिनिशा की तलाशी के दौरान उनके पास से 55 लाख से ज्यादा की ज्वैलरी बरामद हुई थी..वेलडन-अब्बा और बचना ऐ हसीनों की इस अदाकारा को कस्टम विभआग के सवालों के जबाब देने में पसीने आगये थे..इन्हे करीब 16 घंटो के बाद कस्टम ने छोड़ा था..वहीं मई महिने की 26 तारीख को भी एक और दिलकश आदा कारा को भी कस्टम विभाग ने उनके सामान के साथ रोक लिया था... ..ये अदाकारा है बॉलीबुड की अभिनेत्री बिपाशा बसु जिन्हे मुंबई एयरपोर्ट पर 65 हजार की कस्टम ड्यूटी न चुकाने पर कस्टम विभाग ने रोका था...वहीं घंटो की पूछताछ के बाद बिपाशा बसु को जुर्माना भी भरना पड़ा था....और बाद में बिपाश ने मीडिया से ये कहा कि मुझे कस्टम के नियम नहीं मालूम थे...वहीं इस तरह का बयान इससे पहले भी मिनिषा लांबा के मुह सुनने को मिला था..दरसल ग्लैमर वर्ल्ड के कई सितारे शोहरत को पचा नहीं पा रहे है...वो एसी हरकते करते है ताकि उन पर उंगलियां उठने लगे ...जिससे लोग उनके उपर उंगली उठाये... मायानगरी के बहुत से कलाकार इस बात पर भी भरोसा नहीं करते है कि बदनाम हुए तो क्या हुआ मेरा नाम तो होगया...ये ही सच्चाई है इस बॉलिवुड की....
मिनिषा लांबा
दिनांक- 14 मई 2011
गिरफ्तर- छत्रपतिशिवाजी टर्मिनल
आरोप-55 लाख की कस्टम ड्यूटी की चोरी
बिपाशा बसु
दिनांक- 26 मई 2011
आरोप- 65 हजार की कस्टम ड्यूटी की चोरी
अनुष्का शर्मा
दिनांक- 27 जून 2011
गिरफ्तार- मुंबई एयरपोर्ट
आरोप-50लाख की कस्टम ड्यूटी की चोरी



राजनीति कब कब करवट बदलती है ये तो कोई नही जानता है....और करवट भी इस तरह से कि लोगो को कोई शक भी न हो... बीजेपी हो या फिर कोई अन्य राजनीतिक पार्टी हर कोई करवट बदल ने में माहिर है...बीजेपी तो इन सब में सबसे आगे है क्योकि अब उसे दिख रहा है यूपी की गद्दी का राजतिलक ... और इसके लिये उसने उठा लिया है एक एसा वाण जो शायद यूपी की गद्दी को दिलाने में बीजेपी के लिये राम बाण साबित हो सके... ये वो बाण है जो आप लोगो के दिमाग में हमेशा रहता है यानि कि सजन अब घर लौट आओ... जी हां यही सोच लेकर बीजेपी उतरी है मैदान में और उसने अपना पहला तीर छोड़ा है मध्य प्रदेश के बुन्देलखण्ड के टीकमगढ़ में 13 मई 1959 में जन्म लेने वीली उमा भारती को अब घर वापस बुला लिया है... ये वो ही उमा भारती है.. जिन्हे बीजेपी ने 6 साल पहले बागी का नारा देकर घर से बाहर का रास्ता दिखा दिया था..... और आज उन्ही का दाम थाम बीजेपी निकल पड़ी है उत्तर प्रदेश की गद्दी का सपना सजाने..... उमा भारती ने 1984 में बीजेपी से सबसे पहला चुनाव लडा था.. जिसमें उन्हे हार का सामना करने पड़ा था ... फिर उमा भारती ने 1989 में मध्य प्रदेश के खजुराहो से चुनाव लड़कर लोक सभा में पहला कदम रखा था.... और 1991,1996,और 1998 में इसी सीट से चुनाव लड़कर बीजेपी की एक सीट को मजबूत रखा... इसके बाद उमा भारती को पार्टी ने 1999 में भोपाल सीट से अपना उम्मीदवार बनाया....और एक बार फिर उमा की लहर ने पार्टी के विश्वास को बरकरार रखा... और अटल बिहारी की मजबूत सरकार का एक हिस्सा भी बनी...और इन्हे राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया ....
उमा भारती की लहर बीजेपी की उम्मीदो को इस तरह बढ़ा रही थी कि मध्य प्रदेश की पूरी कमान उनके हवाले कर दी गयी थी ... जिसके चलते उमा का बीजेपी को एक और रूप देखने मिला... ये रूप बीजेपी को जीत के रूप में देखने को मिला .... 10 सालो से मध्य प्रदेश में राज कर रही कांग्रेस की सरकार को उमा की लहर ने साफ कर दिया और दिग्गविजय सिंह को बता दिया कि वो एक साध्वी के साथ साथ एक नेता भी है जो जनता का दर्द जानती है......इसके बाद उमा को बीजेपी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर भी बिठाया लेकिन 2004 की दीपावली उमा भारती के लिये बीजेपी से बनवास के रूप में सामने आयी... नवंबर 2004 में धनतेरस के दिन आडवाणी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उमा भारती काफी बुरा-भला कहने के बाद वहां से चली गई थी। इस पर बीजेपी ने उन्हें कारण बताओं नोटिस जारी किया और पूछा कि क्यों न उन्हें पार्टी से निकाल दिया जाए। जिसके कुछ दिनों बाद उमा के सामने ये मुद्दा आया कि अब उनकी जगह शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बनेगे तो उमा ने इसका विरोध किया और पार्टी ने आखिरकार वर्ष 2005 में उन्हें बाहर का रास्ता दिखा ही दिया। और उमा भारती ने राजनीति में एक और नयी पार्टी को जन्म दिया... उसका नाम भी भारतीय जनता पार्टी से मिलता जुलता रखा गया .... उमा की नयी पार्टी का नाम भारतीय जनशक्ति पार्टी रखा ताकि उन्हे बीजेपी से लगाव बना रहे ... वहीं इस पार्टी के वर्तमान में मध्य प्रदेश के विधान सभा में 5 विधायक है ... और इस पार्टी से चुनाव हारने के बाद उमा भारती ने इस्तीफा भी दे दिया है.... जिसके बाद से ये अटकले लगयी जारही थी कि उमा भारती जल्द ही अपने घर में वापसी करेगी और ये सब नितिन गडकरी की महनत का असर है जो आज उमा भारती बीजेपी में वापिस आयी है क्योंकि बीजेपी में भी उमा को चाहने वाले कम उनके दुश्म ज्यादा है.. लेकिन बीजेपी की डूबती नइया पार लगाने में उमा को साथ में रखना पार्टी के लिये बहुत जरूरी है क्योकि बुन्देलखण्ड और अन्य जिलो के यदि लोधी वोट बैंक को चाहिए तो उमा का साथ होना बहुत जरूरी है...क्योकि उमा ही एक एसी नेता है जो जनता को अपने भाषणो से बांध कर रख सकती है.. और इनका साथ होना बीजेपी के लिये बहुत जरूरी है यदि यूपी का सहरा बीजेपी को अपने सिर बांध ना है..
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हमारे देश की राजनीति जब जब करवट बदलती है तब समझो कि अब कोई न कोई नया गेम शो शुरू होने वाला है.. और ये गेम शो चुनावी दौर के वक्त ही शुरू होता है... लेकिन जब चुनाव देश की राजनीति तय करने वाले प्रदेश में होतो तो बात ही कुछ ओर है..जी हां देश के कुछ राज्यों में 2012 में विधान सभा चुनाव होने है..उनमें से एक सरकारी आंकड़ो का उत्तम प्रदेश भी है जी हां उत्तर प्रदेश... जिससे पूरे देश की सत्ता तय होती है कि किस पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलने वाला है..लेकिन इस प्रदेश पर हर पार्टी अपना कब्जा करना चाहती है...चाहे वह राष्ट्रीय पार्टी हो या फिर राज्य स्तरी पार्टी ही क्यों न हो..सभी अपनी अपनी ताकते आजमाने में लगे है.. क्योंकि हर कोई उत्तम प्रदेश का सिरमोर पहनना चाहता है.. जिसके लिये उन्होने उत्तर प्रदेश के अति पिछड़ी जगह बुंदेलखण्ड को चुना जो हर किसी पार्टी के लिये मील का पत्थर साबित हो सकता है... जिसको कांग्रेस के युवराज ने मील का पत्थर मानकर अपनी यात्रा दुबारा यहीं से शुरु की और एक बार फिर इन बेबस और मजबूर किसानों कि दुखती रगों पर रोटियां सेकने की तैयारी में हर पार्टी इस बार बुन्देलखण्ड को ही अपना निशाना बना रही है .. ये वहीं बुन्देलखण्ड है जो कभी सूखे की मार झेलता है तो कभी ज्यादा बारिश की फिर भी यहां के किसानो की हालत इन राजनेताओं के गले नहीं उतर रही है..जिसके लिये एक तरफ राहुल अपना मिशन यूपी का सपना सजोये बुन्देलखण्ड के हर गांव के दौरे पर निकल आये है वहीं बीएसपी सुप्रीमो के दौरों के बाद अब उनका कैबिनेट मंत्रियों के दौरे बुन्देलखण्ड की जनता को दिखने लगे है... वहीं कांग्रेस युवराज राहुल गांधी के बार बार कहने पर पीएम मनमोहन सिंह ने भी बुन्देलखण्ड के दौरे पर जाना उचित समझा.. और दोनो ने इस की शुरुवात उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से की ... पहले तो दोनो ने बुन्देलखण्ड के किसानो का दुख दर्द सुना और फिर एक के बाद एक घोषणा शुरु कर दी ताकि जनता को ये लगे की उनके हित में कांग्रेस कितना सोच रही है.. लेकिन कांग्रेस ने वहां भी एक तीर से दो शिकार करना उचित समझा... और जनता को ये लगा कि ये लोग मद्द करने के लिये आये है लेकिन वहां तो कुछ ओर ही तीर चल रहे थे ... बुन्देलखण्ड के विकास के लिये प्रधानमंत्री ने जहां बुन्देलखण्ड को 200 करोड़ का बजट दिया वहीं माया मेम पर भी निशाना साधने से पीछे नहीं हटे...और ये भी कह दिया की यूपी सरकार इस बजट को लोगो तक नहीं पहुंचने देती है और वह उपर ही उपर हजम हो जाता है..लेकिन पीएम के बाद राहुल भई कैसे चुप रह पाते और राहुल ने भी माया सरकार को कठ घरे में लाकर खड़ा कर दिया... ताकि सब को ये लगे की हम जनता के बहुत हितेशी है... वहीं एक तरफ राहुल के तीर चले और माया मेम चुपचाप देखती रहे एसा तो होई नही सकता था... माया सरकार के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर ने राहुल के चलाये गये एक एक तीर का करारा जबैब दिया ओर कह डाला कि माया सरकार ने कभी भी बुन्देलखण्ड के किसानो कुछ गलत नही सोचा है माया सरकार ने तो इसे के लिये अलग से एक प्रधिकरण भी बनाया है ताकि बुन्देलखण्ड का विकास हो पाये वहीं किसानो की सरकार हर सम्भ मद्द करती है इसके लिये हर बार कोई न कोई घोषणा भी करती है...ताकि बुन्देलखण्ड के किसान को हर सम्भव मद्द मिल सके और शाशंक शेखर भी इन आरोपो को कैसे सुनलेते तो बीएसपी ने भई एक तीर से दो शिकार खेले और कांग्रेस के युवराज से पूछ ही डाला कि उनके पिता ने 1987 में बुन्देलखण्ड में एक गिलास फैक्ट्री का शिलान्यास किया था वो अब तक तो दिखाई नही दी है तो फिर कौन चोर है... लेकिन राजनेता चाहे जितनी रोटी सेक लें लेकिन इस बार जनता सब जान चुकी है कि हमारा कौन है और पराया कौन है... इस लिये कहते है कि ये जनता सब जानती है....




हम भ्रष्टटन के भ्रष्ट हमारे ये कहना कहीं गलत नहीं है...क्योंकि आज कल भ्रष्ट ही हमारे हो चुके है.... एक तरफ जहां देश में व्याप्त भ्रष्टाचार को रोकने के लिये देश में लड़ाई जारी है वहीं दूसरी ओर देश के राजनेता अपनी राजनीति चमकाने में लगे हुए है...तभी तो ये कहा जा रहा है कि हम भ्रष्टटन के भ्रष्ट हमारे आज कल राजनेताओं की राजनीति तो इस कदर सिर चढ़ कर बोल रही है कि वो इस कानून की लड़ाई लड़ने वाले राजनेताओं की पीछे ही हाथ थोकर पड़े हुए है... लेकिन उनके हाथ इतने लम्बे नहीं है कि जनता के हित में जारी होने वाले इस बिल को रोक पाये .... समाजसेवी अन्ना हजारे की ये मुहीन आज लोगो के दिलों की धड़क्कन बन चुकी है.. जनता आज इस बिल को लेकर काफी उत्तेजित है लेकिन राजनेता चाहे कुछ भी नये पेतरे अपना लें लेकिन इस बिल को तो सरकार को पास करना ही होगा....
इस बिल को लेकर छिड़ी मुहीम ने एक बार फिर कांग्रेस सरकार की पोल खोल कर रख दी है.... इस बिल के लिये जैसे ही जंतर मंतर पर लोगो ने अन्ना का समर्थन करना शुरु ही किया की सरकार को भी मिस्त्र का डर सातेने लगा... कि कहीं कांग्रेस को लेकर भी जनता सड़क पर न आजाये... जिसके चलते कांग्रेस ने क तीर से दो शिकार करने शुरु कर दिये ..... कांग्रस जहां स बिल को लेकर चिंतन कर रही थी वहीं कांग्रेस के महसचिव और हमेशा किसी न किसी बात को लोकर चर्चा में रहने वाले दिग्गीविजय सिंह ने जनता के सामने उन लोगो को खड़ा कर दिया जो इस मुहीम के हिस्सेदार है...दिग्गी राजा ने सबसे पहले इस मुहीम के सबसे बड़े हिस्सेदार और भ्रष्टाचार को लेकर लोगो के सामने सरकार की पोल खोलने वाले बाबा रामदेव को कट घरो में लाकर खड़ा कर दिया और कह दिया की ये लोग जो भ्रष्टाचार को लकेर इतनी सारी बातों कर रहे हैवो पहले अपनी ही सम्मपती का ब्यौरा दें...दिग्गविजय सिंह ने अकले रामदेव को ही नहीं अन्ना हजारे, अरविन्द केजीवाला , शांति भूषण और उनके बेटे तक को सामने खड़ा कर दिया ....यही नहीं इस लोकपाल बिल की पहली बैठक में भी सियासी राजनीति जमकर सामने आयी....बिल पर हुई पहली बैठक को लेकर जो चर्चा हुई वो तो बहुत अच्छी थी लोकिन जो बाहर निकल कहा वो भी अच्छा था... ये इसारा में जिस की तरफ कर रहा हूं वो आप लोग अच्छी तरह से समझ रहे होगे...... मैं यहां बात कर रहूं मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल की जो अन्ना के लिये दूसरे दोषी के रुप में सामने आये है.... अन्ना का मानना है कि लोगो को बैठक से बाहर निकल कर कुछ कहा और घर पर जाकर कुछ खास मीडिया के लोगो से कुछ और बाते कही जिससे जनता के मन में इस बिल को लेकर कुछ न कुछ गलत संदेश जरूर पहुंचा है... वहीं इस बिल को लेकर अन्ना की लड़ाई अब जोरो पर है...इस बिल को लेकर हर पार्टी अब राजनीति के चमकाने का काम कर रही है... चाहे वह बीजेपी हो या फिर अन्य कोई पार्टी क्यों न हो.....सभी की नजरे अन्ना के इस बिल पर आकर टिक गयी है... क्योंकि हला ही में कुछ राज्यों में विधान सभा चुनाव होने है... जिसके चलते लोगो को लुभाने के लिये शीतकालीन सत्र में जरूर ये मुद्दा संसद की गूंज बनेगा.... वहीं पहल इस मुहीम के द्वारा जनता के कई सवाल सरकार से पूछने जा रही है कि वो इस बिल पर आखिर कार इतनी राजनीति क्यों हो रही है....ओर कहां तक ये बाते सच्च है कि सरकार पर जो आरोप लगे है वो सारे सही है...ये सारी बाते जनता जानना चाहती है.... वहीं जनता के साथ साथ अन्ना ने भी यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिठ्ठी लिख कर ये साफ कर दिया है कि ये जो हो रहा है वे कहां तक सही है क्या दिग्गविजय ओर कपिल सिब्बल के बयानों के पीछे कहीं कांग्रेस का हाथ तो नहीं ये सारी बातो के जबाब अन्ना ने सोनिया ये पत्र में लिख कर मांगे है वहीं इस पत्र ने ये भी साफ कर दिया है कि ये पत्र नहीं ये एक चेतावनी है....जो कांग्रेस के लिये एक सबक है............