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Friday, December 3, 2010

न्यायाधीश ने मांगा दहेज

Posted by rachit kathil

दहेज लोभियों को सजा देने वाले ही अगर दहेज की मांग कर बैठें... तो बाकियों का क्या होगा... मध्य प्रदेश के देवास में ऐसा ही एक मामला सामने आया है... जहां एक न्यायाधीश ने अपनी शादी के मंडप में दहेज की मांग कर डाली... और मांग पूरी ना होते देख... बिना शादी किए लौट गया। अदालतें हमेशा से ही दहेज के जिन को समाज के लिए अभिशाप बताती आई हैं... और इसमें कोई शक भी नहीं है... लेकिन तब क्या किया जाए... जब खुद कोई न्यायाधीश दहेज की मांग कर डाले... ऐसा ही कुछ हुआ है मध्य प्रदेश के देवास में... जहां शहडोल के न्यायाधीश इंद्रेश ने अपनी ही शादी के बीच में लड़की वालों से दहेज की मांग कर डाली... लेकिन लड़की के माता- पिता ने इसमें असमर्थता दिखाई... जिसके बाद इंद्रेश ने पहले तो लड़की के घरवालों से लड़ाई झगड़ा किया... फिर लड़की का गला दबाकर... उसे चांटे मारे... और बीच शादी से उठ गया... लेकिन जाते जाते इंद्रेश लड़की के माता- पिता को ये धमकी दे गया कि... उनकी बेटी जिंदा वापस नहीं आ सकती... और शादी नहीं करोगे तो उसे उठा ले जाएगा... बहरहाल लड़की के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है... और छानबीन शुरू कर दी है... लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या... इस मामले में आरोपी न्यायाधीश को सजा होगी।

उत्तर प्रदेश पुलिस का हाल तो पहले से ही कई बार चर्चा का विषय बन चुका है....लेकिन जो अब हम आपको बताने जा रहे हैं..वो यूपी पुलिस का खतरनाक चेहरा है... शहीद स्मारक एक बार फिर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुए संघर्ष का गवाह बना है...यूपी की राजधानी लखनऊ में ग्राम रोजगार सेवकों ने अपनी मांगो को लेकर शहीद स्मारक पर धरना प्रदर्शन किया... लेकिन प्रशासन को ये धरना प्रर्दशन पंसद नही आया ओर लोगो पर लाठी डंडों के साथ साथ निहतो पर गोलियां भी चलाई... लखनऊ पुलिस के अफसर ने किस तरीके से भीड़ पर कमर से उपर गोलियां चलाई...वहीं इस अफसर को ये कोई भी डर नहीं कि किसी की जान भी चली जाये गी....लेकिन जनता की रक्षा करने वाले इस अफसर ने सरकारी रिवाल्वर से ही जनता के उपर ताबातोड़ गोलियां चलाई... जिसे देख कर ये लगता है कि आज भी हम गुलाम है.. जिस तरह से अंग्रेजों के समय लोगो को लाठी डंडों ओर गोलियों की भाषा से समझाया जाता था वही आज यूपी पुलिस के ये सीओ साहब कर रहे है.......इस घटना पर जब आला आधिकारियों से पूछा गया तो उन्होंने अपनी गलती को छूपाने के लिये जनता को ही दोषी बना दिया.....आलाधिकारियों के इस तरह के बयान ने साफ कर दिया है कि यूपी पुलिस ने जो किया वह ठीक है.... लेकिन सरकार ने इस घटना को देखते हुए जांच के आदेश दे दिये है... अब देखना ये है कि क्या इस तरह की घटनाओं पर रोक लगा पायेगी....ओर दोषी अधिकारी को क्या सजा मिल पायेगी....


Friday, November 26, 2010

ये कैसी ताज पोशी…

Posted by rachit kathil

बिहार में नयी सरकार का स्वागत कुछ खास तरीके से किया गया है....सरकार के स्वागत में लोगों डोल नगाडों की थाप पर भी जमकर डांस किया....वहीं सरकार के इस जश्न में कुछ खास भी देखने को मिला है.... चलिये पहले उन गानों ओर उस डॉस को दिखाते है ......जिसे देख कर आप हेरान रह जायेगे......इस डांस को जेरा ध्यान से देखिये ये कोई शादी समारोह नही बल्कि बिहार के नये मुख्यमंत्री के स्वागत में किया जा रहा है.....जहां एनडीए हिन्दुत्व की बात करता है वही इस मंच पर एनडीए के आला नेता भी मौजूद है...नीतीश के विकास का सपना क्या इन्हीं जिन के सामने ये नाजाब डांस को परोसा जारहा है.... अब इस अश्लीलता को नितीश कुमार क्या नाम देगे... क्या इसे सरकार का तौफा कहें या फिर एनडीए का शौक....

शहीदों का चिताओँ पर लगेगें हर वर्ष मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा....26/11 2008... देश में हुए अबतक के सबसे बड़े आतंकी हमले का शिकार हुई आर्थिक राजधानी मुंबई...आज उसी दिल दहलाने वाले दिन को याद करते हुए हर मुंबईकर और भारतवासी की आंखे एक बार फिर नम हो गई हैं......मुंबई हमले के शहीदों के बलिदान को सलाम करने के लिए मुंबई आज फिर एकजुट हुई हम सब एक हैंका नारा देने वाली मुम्बई इस खौफ भरे दर्दनाक हमले की दूसरी बरसी माना रही है...26 नवंबर की इस तारीख ने आज एक बार फिर दहशत के उन पलों को लोगों की आंखों के सामने ला दिया है...10 आतंकियों की पलटन का ये एक ऐसा हमला था जिसे कोई भी हिंदुस्तानी भुलाए नहीं भूलेगा....इस हमले में देश के कई जबाज सिपाहियों को अपनी जान गवानी पड़ी थी....तो कई चश्मदीद आज भी इस हमले का दर्द झेल रहे हैं...देश की आन,बान और शान के लिए..शहादत देने वालों में थे... एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे, एनएसजी के मेजर संदीप उन्नीकृष्णन, एनएसजी कमांडो गजेंद्र सिंह, एनकाउंटर स्पेशलिस्ट विजय सालसकर, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अशोक काम्टे, सहायक उपनिरीक्षक तुकाराम ओंबले और मुंबई पुलिस के कई बहादुर सिपाही जो इस हमले में शहीद हो गये थे...164 से ज्यादा..लोग मारे गए और 300 से ज्यादा जख्मी हुए...उन सभी लोगों को नमन करते और शहादत के उनपलों की याद में आँखे नम करते हुए..देश के हर कोने से 26/11 हमले के शहीदों को श्रद्धांजली दी गई..मुंबई में गृहमंत्री पी. चिदंबरम, पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा, मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, उप मुख्यमंत्री अजीत पवार, और आर. आर. पाटिल ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

Wednesday, November 17, 2010

राहुल गांधी का नया अंदाज

Posted by rachit kathil

राहुल गांधी को अपने चुनावी दौरे और रैलियों में बोलते सुना होगा... लेकिन आपने उन्हें निशाना लगाते शायद ही देखा हो...और निशाना भी ऐसा जो एकदम सटीक हो...राहुल का निशानादेख..पेशेवर निशानेबाज भी वाह वाह करते नजर आए...जी हां...ये राहुल कोई और नहीं बल्कि कांग्रेस के युवराज...और सोनिया जी के राहुल बाबा हैं....जिन्होने ये कारनामा किया है अमेठी में...असल में राहुल अमेठी पंहुचे थे....बलदेव सिंह सुलतानी डिग्री कॉलेज में एक निशानेवाजी प्रतियोगिता में बतौर गेस्ट शामिल हुए थे...लेकिन यहां तमाम निशानेबाजों का निशानाचूकते देख राहुल से रहा नहीं गया और...वो खुद ही..बंदूक उठाकर मैदान में उतर आए..और उसके बाद तो....राहुल बाबा की गन ऐसे गरजी...जैसे वो कोई पेशेवर निशानेबाज हो...उन्हें देखकर भी कुछ ऐसा लग रहा था...राहुल ने ऐसा निशाना लगाया जिसे देखकर वहीं मौजूद निशानेबाजों के होश उड़ गये...हाथों में गन थामते ही राहुल ने पहले ही झटके में एकदम सटीक निशाना लगाया... राहुल गांधी के इस नए रुप को देख जहां छात्र हैरान थे वहीं राहुल ने खिलाड़ियों की हौंसला अफजाई कर उनकी जमकर ताऱीफ की...और अपने इस निशाने से कईयों पर निशाना लगाकर चलते बने....अब देखना ये होगा कि राहुल का ये निशाना कितना सटीक था और किसे घायल कर गया..

टू जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में फसे संचार मंत्री ए राजा ने इस्तीफा देने से मना कर दिया है...साल 2008 में हुए 1 लाख 76 हजार का दूरसंचार विभाग घोटाला हुआ था...जिसके चलते विपक्ष ने राजा को हटाने के लिए केंद्र सरकार पर हमले तेज कर दिए ......टू जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में आये दिन कुछ न कुछ नया देखने को मिल रहा है.....साल 2008 में हुए 1 लाख 76 हजार के घोटाले के मामले में दूरसंचार मंत्री ए राजा की मुश्किलें भले ही बढ़ती जा रही हो.....भले ही राजा को लेकर सरकार पर विपक्ष के हमले तेज हो गए हों...भले ही सरकार जबर्दस्त दबाव में हो....लेकिन राजा के तेवर देख कर तो यही कहा जा सकता है...राजा की विदाई सरकार की मुश्किलें बढ़ाने वाली हो सकती है....फिर भले ही नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा कथित घोटाले के लिए राजा को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है..लेकिन राजा पर हाथ डालना फिलहाल केंद्र सरकार को भारी पड़ता दिखाई दे रहा है.. वहीं इस पूरे मामले पर संचार मंत्री ए. राजा ने भी साफ कर दिया है कि वे 2G स्पेक्ट्रम मामले में कथित अनियमितताओं को लेकर इस्तीफा कतई नहीं देंगे....राजा साफ कर चुके हैं कि स्पैक्ट्रम के आवंटन में कोई अनियमितता नहीं हुई और जो कुछ हुआ है नियमों के तहत हुआ है...जिसे लेकर संचार मंत्रालय ने कल सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा भी दायर किया है..जिसपर राजा का कहना है कि मामला फिलहाल कोर्ट में है....और जांच जारी है...ऐसे में जब तक कुछ सामने ना आए जाए..वे इस्तीफा देने में कोई जल्दबाजी नहीं दिखाएंगे....वहीं इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए राजा ने तमिलनाडू की अम्मा यानि जयललिता को भी नसीहत दे दी है कि वे खुद तमाम केसों में फंसी हुई है...लिहाजा उनके लिए बेहतर होगा कि वे पहले खुद के गिरबां में देखें..बाद में मेरे बारे में सोचें...हालाकि इस पूरे मामले पर फिलहाल प्रधानमंत्री की वापसी के बाद ही फैसले की कोई उम्मीद की जा रही है...लेकिन राजा के तेवर और उन्हें मिलती..डीएमके की आलाकमान का समर्थन देखकर...फिलहाल तो ऐसे कयास लगाना भी मुश्किल होगा कि राजा रहेंगे या जाएंगे...या फिर कांग्रेस ही...अपनी सरकार को दांव पर लगाकर भ्रष्टाचारियों को नकेल कसने का कोई कारनामा कर दिखाती है....

Monday, November 1, 2010

एक शिक्षा ऐसी भी....

Posted by rachit kathil

आईआईटी रुड़की में एक ऐसी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया …जिसे देख कर हर कोई कुछ देर के लिए ही सही... सोचने पर मजबूर हो गया... कि क्या ये शिक्षा का घर है... अभिभावक इसे देख लें तो उन्हे पछतावा होने लगे... कि क्या इसीलिए उन्होंने अपने बच्चों को पढ़ने के लिए भेजा था... आईआईटी रुड़की में छात्र - छात्राओं के बीच लिपिस्टिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया....इस प्रतियोगिता में लड़को को लड़कियों के होठों पर लिपिस्टिक लगानी थी... लेकिन लड़कों को लिपिस्टिक को अपने मुंह में रखकर लड़कियों के होठों पर लगानी थी... इस प्रतियोगिता कि खास बात ये थी कि इसका आयोजन संस्थान के शिक्षकों के सामने किया गया... और शिक्षकों ने इसे रोकने की जगह तालियां बजाकर छात्रों का उत्साह बढ़ाया... आईआईटी रुड़की देश के जाने माने कॉलेजों में शुमार है... छात्र यहां इंजीनियर बनने आते हैं... लेकिन ये कैसी इंजीनियरिंग है... ये सोचने वाली बात है।